गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का संदेश, बोले- गुरु ही जीवन को देते हैं सही दिशा, उनके आदर्शों को अपनाएं

गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी का संदेश, बोले- गुरु ही जीवन को देते हैं सही दिशा, उनके आदर्शों को अपनाएं

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक संदेश जारी करते हुए सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का पवित्र अवसर है।

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गुरु को साक्षात परम ब्रह्म का स्वरूप माना गया है। उन्होंने लिखा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाया जाता है और यह गुरु-शिष्य परंपरा की महान विरासत का प्रतीक है।

सभी परंपराओं में गुरु का सर्वोच्च स्थान

सीएम योगी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा का महत्व केवल सनातन परंपरा तक सीमित नहीं है। बौद्ध धर्म में यह भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन की स्मृति का दिन माना जाता है, जबकि जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी की ज्ञान दीक्षा से है। वहीं सिख परंपरा में भी गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। उनके अनुसार, सभी परंपराओं में यह पर्व ज्ञान, गुरु और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।

गुरु-शिष्य परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की गुरु-शिष्य परंपरा सदियों से समाज को दिशा देती आई है। उन्होंने भगवान श्रीराम द्वारा गुरु वशिष्ठ और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गुरु सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त करने का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां गुरु का सम्मान होता है, वहीं समाज उन्नति और विकास की ओर अग्रसर होता है।

शिक्षकों के सम्मान को सरकार की प्राथमिकता बताया

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से लगभग 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा 7.5 लाख से अधिक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षकों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है।

गुरुओं के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। वे अज्ञान के अंधकार से निकालकर सत्य, संस्कार और ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करें, उनके योगदान को स्मरण रखें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सम्मान की भावना ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।