‘चंपत राय को बचाने के लिए क्लीन चिट’, राम मंदिर चढ़ावा मामले के गवाह महिपाल सिंह का बड़ा दावा
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद फिर गरमा गया है। रिपोर्ट में पूर्व महासचिव चंपत राय को क्लीन चिट दिए जाने के बाद मामले के प्रमुख गवाह और पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में पर्याप्त तरीके से सुना ही नहीं गया और जांच की दिशा चंपत राय को बचाने की ओर रही।
महिपाल सिंह ने पहले भी दावा किया था कि मंदिर के चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ियां हुई थीं और उन्होंने इसकी शिकायत वरिष्ठ पदाधिकारियों से की थी। उनके मुताबिक शिकायत के बाद उन्हें जिम्मेदारी से हटा दिया गया।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, एसआईटी ने चंपत राय के खिलाफ कथित चोरी में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका का कोई सबूत नहीं पाया। हालांकि ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोगों को लेकर जांच के सवाल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
महिपाल सिंह के आरोपों ने एसआईटी की जांच और उसकी निष्पक्षता पर नई बहस छेड़ दी है। अब सवाल उठ रहा है कि जिन आरोपों को लेकर उन्होंने सबसे पहले आवाज उठाई, उनकी शिकायतों और दावों को अंतिम जांच में कितना महत्व दिया गया।
