कैप्टन अमरिंदर बोले- करतारपुर कॉरिडोर खोलने के पीछे पाकिस्तान का छिपा हुआ एजेंडा है

 

नई दिल्ली: करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक प्रमोशनल वीडियो में खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल भिंडरावाले के दिखने पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं पहले दिन से ही आगाह कर रहा हूं कि इसके पीछे पाकिस्तान का एक छिपा हुआ एजेंडा है.

दरअसल, 9 नवंबर को करतारपुर कॉरीडोर के उद्घाटन से पहले पाकिस्‍तान की बड़ी साजिश उजागर हुई है. पाकिस्‍तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने करतारपुर साहिब से जुड़ा एक प्रमोशनल वीडियो जारी किया है. वीडियो में गुरु नानक देव के 550वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्‍य में सिख श्रद्धालुओं के लिए स्‍वागत गीत है. लेकिन उसमें खालिस्‍तानी आतंकियों जनरैल सिंह भिंडरावाले, शबेग सिंह और अमरीक सिंह के पोस्‍टर दिखाई देते हैं. ऑपरेशन ब्‍लू स्‍टार में ये सभी मारे गए थे. इसमें खालिस्‍तानी आंदोलन से जुड़ी मांग रेफरेंडम 20-20 के पोस्‍टर भी लगाए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे और 12 नवंबर को होने वाले गुरु देव के 550वें जयंती समारोह के अवसर पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले पहले सिख श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे. यह सिख समुदाय के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है, जहां श्रद्धालु पहले सिख गुरु के 550वीं जयंती को मनाने के लिए आ रहे हैं. गुरुद्वारा दरबार साहिब के नाम से प्रसिद्ध करतारपुर साहिब गुरुद्वारा सिख धर्म में विशेष मान्यता रखता है जहां गुरु नानक देव जी ने 18 वर्ष गुजारे थे और यहीं उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया था.

बॉर्डर से 4 किमी दूर
माना जाता है कि भारत से लगी सीमा से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित करतारपुर गुरुद्वारा 16 वीं शताब्दी में गुरु नानक के निर्वाण वाली जगह पर बनाया गया है. इसे 4.2 किलोमीटर लंबे करतारपुर साहिब कॉरीडोर से जोड़ा जाने वाला है.

 
 
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