मेरठ की दोनों सीटों पर BJP का कब्जा, श्रीचंद शर्मा और दिनेश गोयल ने मारी बाजी
चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए मतदान के बाद मंगलवार को मतगणना शुरू हो गई. उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर पड़े वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच कराई जा रही है. सभी राजनीतिक दलों की नजरें इन नतीजों पर टिकी हैं क्योंकि यह चुनाव पढ़े-लिखे तबके और शिक्षक वर्ग के मिजाज को सीधे तौर पर दिखाता है.
चारों राज्यों में सबसे ज्यादा 11 सीटों पर उत्तर प्रदेश में मुकाबला हुआ है, जबकि बिहार में आठ, महाराष्ट्र में पांच और कर्नाटक में चार सीटों पर वोटों की गिनती जारी है. उत्तर प्रदेश में कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, जहां सात केंद्रों पर वीडियोग्राफी और सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में मतपत्र गिने जा रहे हैं.
मेरठ में भाजपा ने रचा इतिहास
उत्तर प्रदेश के मेरठ खंड से भाजपा के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा ने लगातार दूसरी बार परचम लहरा दिया है. पार्टी ने अपने वर्तमान एमएलसी पर ही दांव लगाया था और दोनों ही उम्मीदवारों ने भारी अंतर से जीत हासिल की है. शिक्षक सीट पर भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नितिन तोमर को 13 हजार 241 वोटों के भारी अंतर से हरा दिया. श्रीचंद शर्मा को कुल 18 हजार 99 मत मिले, जबकि सपा उम्मीदवार को महज 4 हजार 858 मतों से संतोष करना पड़ा.
वहीं मेरठ स्नातक सीट पर भी भाजपा का दबदबा कायम रहा. भाजपा उम्मीदवार दिनेश गोयल ने सपा के प्रमेंद्र भाटी को 12 हजार 855 वोटों के बड़े फासले से शिकस्त दी. दिनेश गोयल को 24 हजार 928 वोट मिले, जबकि सपा प्रत्याशी 12 हजार 73 वोट ही हासिल कर पाए. दोनों सीटों पर शिक्षक संघों और निर्दलीय उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा. जीत की खबर मिलते ही कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और मिठाइयां बांटी जाने लगीं.
बरेली और लखनऊ में भाजपा की मजबूत पकड़
बरेली मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी भाजपा प्रत्याशी ने एकतरफा बढ़त बना ली है. मतगणना के तीसरे राउंड के अंत तक भाजपा के हरी सिंह ढिल्लों ने बहुत बड़ा अंतर कायम कर लिया. हरी सिंह ढिल्लों को 14 हजार 990 वोट मिले, जबकि सपा उम्मीदवार दानिश अख्तर सिर्फ 2 हजार 742 वोट ही जुटा सके. भाजपा प्रत्याशी ने 12 हजार 248 वोटों की भारी बढ़त बना ली है, जिससे उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है.
राजधानी लखनऊ की बात करें तो लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी पर दबाव बना दिया है. पहले राउंड के परिणामों में उमेश द्विवेदी को 7 हजार 189 वोट मिले, जबकि सपा के सुशील कुमार 3 हजार 537 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे. पहले राउंड में ही उमेश द्विवेदी ने अच्छी बढ़त बना ली, हालांकि लखनऊ खंड स्नातक की मतगणना देर रात तक शुरू होने का इंतजार होता रहा.
आगरा और अन्य सीटों पर कड़ा मुकाबला
आगरा खंड स्नातक सीट पर भाजपा उम्मीदवार डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह गुरु जी ने शुरुआती राउंड में बढ़त हासिल कर ली. पहले राउंड की गिनती में डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह को 5 हजार 848 मत मिले, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंदी शशांक यादव उर्फ सीटू को 5 हजार 134 मत प्राप्त हुए. यहां दोनों उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है.
दूसरी तरफ आगरा शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी के लिए राहत भरी खबर आई. दूसरे चरण की गिनती में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने भाजपा प्रत्याशी हरि किशोर तिवारी के मुकाबले बड़ी बढ़त बना ली.
इलाहाबाद, झांसी और गोरखपुर फैजाबाद के समीकरण
इलाहाबाद झांसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पहले राउंड में अशोक कुमार राठौर 3 हजार 291 मत लेकर सबसे आगे चल रहे हैं. उनके पीछे डॉ. मानसिंह यादव 2 हजार 307 मतों के साथ दूसरे नंबर पर हैं.
गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक सीट पर भी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. पहले राउंड की गिनती में ध्रुव 3 हजार 812 मतों के साथ पहले स्थान पर रहे, जबकि राजीव 3 हजार 703 वोट लेकर उनके बेहद करीब टिके हुए हैं. वहीं संजयन को 2 हजार 744 मत मिले हैं.
अन्य राज्यों का सियासी परिदृश्य
उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार की आठ सीटों पर भी राजनीतिक हलचल तेज है. वहां पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक सीटों के साथ पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण शिक्षक सीटों पर गिनती चल रही है. कर्नाटक की चार सीटों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा जेडीएस गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है. वहीं महाराष्ट्र की पांच सीटों पर भी सियासी घमासान जारी है, जहां पुणे, औरंगाबाद और नागपुर संभाग की स्नातक और शिक्षक सीटों के नतीजे नए सियासी समीकरण तय करेंगे.
