वकील इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला, नोएडा कमिश्नर के पिता के कातिलों को उम्रकैद की सजा
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के पिता लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष इंद्रदेव सिंह हत्याकांड में बड़ा फैसला आया है. इंद्र देव सिंह की हत्या के मामले में हत्यारों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. साथ ही हत्यारे विक्रम यादव, पन्ना सिंह और बृजेश यादव पर डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगाया गया है. बता दें कि साल 2002 में लखनऊ में दिनदहाड़े इंद्रदेव सिंह की हत्या कर दी गई थी.
मामले में छह आरोपियों में से तीन की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है. फैसले के समय सीबीआई की विशेष अदालत में स्वर्गीय इंद्रदेव सिंह की पत्नी नयनतारा सिंह और बेटी नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्य अदालत में मौजूद थे.
गोली मारकर की गई थी इंद्रदेव सिंह की हत्या
8 अगस्त 2002 को शाम करीब 4 बजे कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के वकील इंद्रदेव सिंह को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था. मामले में पत्नी नयनतारा ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. इनमें सुरेश वर्मा, रामकुमार वर्मा, सुषमा वर्मा, सुरेश वर्मा और सुरजन वर्मा का नाम शामिल था.
इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी. सीबीआई इन्वेस्टीगेशन में कई नाम निकलकर सामने आए थे. मामले में सीबीआई ने 2 साल बाद 2004 में चार्जशीट दाखिल की. इसके बाद अदालत ने आरोपियों को धारा 302 के तहत दोषी माना था.
इस वजह से की गई थी हत्या
इंद्रदेव सिंह की हत्या पांच बीघा जमीन के विवाद को लेकर की गई थी. जिसकी साजिश एक बर्खास्त लेखपाल द्वारा रची गई थी. कोर्ट द्वारा बृजेश यादव, पन्ना सिंह और विक्रम यादव को साजिश रचने के लिए दोषी पाया है. बता दें कि हत्या के समय बृजेश कुमार स्कूटर चला रहा था, जबिक शूटर विक्रम यादव ने वकील इंद्रदेव सिंह के ऊपर गोलियां बरसाईं थीं. अदालत ने दोष सिद्ध होने के बाद इन्हें उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जुर्माना लगाया है.
