त्योहारों से पहले चीनी बेलगाम, सरकार बोली-एथनॉल वजह नहीं
New Delhi : त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले देश में चीनी की कीमतों में तेज उछाल आया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 20 जुलाई को चीनी की कीमत करीब ₹48.18 प्रति किलो थी, जो 20 अगस्त तक बढ़कर ₹55.70 प्रति किलो हो गई।
चीनी के बढ़ते दामों के बीच एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एथनॉल को कीमत बढ़ने की वजह मानने से इनकार किया है। सरकार के मुताबिक चीनी उत्पादन में कमी, त्योहारी मांग में बढ़ोतरी, मौसम से फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर कम आपूर्ति और कुछ जगहों पर जमाखोरी-सट्टेबाजी इसके प्रमुख कारण हैं।
सरकार के अनुसार 2025-26 सीजन में चीनी उत्पादन करीब 306 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो राज्यों के शुरुआती अनुमान 343 लाख मीट्रिक टन से काफी कम है। इसके बावजूद सरकार का कहना है कि अगले पेराई सीजन के शुरू होने तक घरेलू जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने चीनी डीलरों पर 400 टन की स्टॉक लिमिट लागू की है। साथ ही बड़े थोक उपभोक्ताओं के लिए भी स्टॉक रखने की सीमा तय की गई है। सरकार जरूरत पड़ने पर आयात समेत दूसरे कदम उठाने पर भी विचार कर रही है।
