मशरूम उत्पादन की तकनीक सीखकर स्वरोजगार से जुड़ने का संदेश

मशरूम उत्पादन की तकनीक सीखकर स्वरोजगार से जुड़ने का संदेश
सहारनपुर में मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का सम्मान करतीं कुलपति प्रो. विमला वाई.

मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय में मशरूम कल्टीवेशन पर एक दिवसीय कार्यशाला, प्रतिभागियों को दी गई हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग

सहारनपुर। मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बॉटनी एवं आउटरीच सेल की ओर से वनस्पति विज्ञान पूर्व छात्र संघ, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के सहयोग एवं प्रायोजन से मशरूम कल्टीवेशन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से परिचित कराते हुए उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण से हुआ। इसके बाद कुलपति प्रो. विमला वाई. और अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया।

कुलपति प्रो. विमला वाई. ने कहा कि वैज्ञानिक जानकारी, प्रशिक्षण और उचित तकनीक के माध्यम से मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार एवं उद्यमिता का प्रभावी माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग व्यावहारिक रूप से करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी एवं गुजरात वन विभाग के पूर्व एपीसीसीएफ श्रद्धानंद त्यागी ने भारतीय वन सेवा सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। वहीं, मुख्य संसाधन वक्ता रिस्ता फाउंडेशन, वडोदरा के निदेशक अनिल सतपथी ने मशरूम उत्पादन की विभिन्न तकनीकों, उत्पादन प्रक्रिया और इससे जुड़ी व्यावसायिक संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

पूर्व विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग, एमएस कॉलेज सहारनपुर, डॉ. एसके उपाध्याय ने मशरूम कल्टीवेशन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए ऑयस्टर, मिल्की और किरा़जडी मशरूम की प्रजातियों के बारे में जानकारी दी।

प्रतिभागियों को दी गई व्यावहारिक ट्रेनिंग

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को ऑयस्टर एवं मिल्की मशरूम उत्पादन की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गई। प्रतिभागियों ने मशरूम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं को स्वयं करके सीखा। इस दौरान उन्हें उत्पादन की वैज्ञानिक विधि के साथ-साथ इसके व्यावसायिक उपयोग और संभावनाओं से भी अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मितिका चौहान ने किया, जबकि डॉ. हर्ष सिंह ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. विनोद कुमार, डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. राज कुमार, डॉ. सुरेंद्र कुमार, सीईओ अभिनव पुंडीर, डॉ. अर्चस्वी त्यागी, डॉ. संदीप कुमार, डॉ. दीक्षा सिंह, डॉ. सुनील कुमार, गजाला, डॉ. कृष्णा आनंद, डॉ. ममता चौधरी, डॉ. विजय प्रताप, डॉ. प्रतिभा चौहान, डॉ. अंकिता चौधरी, डॉ. अंजू और सुनीता सोनकर सहित शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। एमएस कॉलेज, सहारनपुर के विद्यार्थियों ने भी कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी की।

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