अफगान तालिबान ने 11 सदस्यों के बदले में तीन भारतीय इंजीनियरों को छोड़ा, हरकत में विदेश मंत्रालय

 

अफगान तालिबान ने अपने 11 सदस्यों के बदले में तीन भारतीय इंजीनियरों को रिहा किया है। मीडिया में आई रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है। बंधकों की अदला-बदली रविवार को की गई, लेकिन इसे कहां अंजाम दिया गया, इस बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में अफगानिस्तान से संपर्क में रहने की बात कही है।

बंधकों की अदला बदली के बारे में ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने तालिबान के दो सदस्यों के हवाले से जानकारी दी है। वहीं, एक अन्य रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि तालिबान के सदस्यों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर ये जानकारी दी और मामले को संवेदनशील बताया।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने भी यह रिपोर्ट देखी है और वह इस मामले में अफगानिस्तान के साथ संपर्क में है। इस संबंध में किसी भी तरह की पुष्टि होते ही जानकारी दिए जाने की बात कही गई है।

इधर, आतंकवादी समूह ने किसके साथ बंधकों की अदला-बदली की, रिहा किए गए तालिबान के सदस्यों को अफगानिस्तान में अफगान अधिकारियों ने बंधक बना रखा था या फिर अमेरिकी सेना ने, इन सवालों का जवाब तालिबान सदस्यों ने नहीं दिया।

तालिबान ने विद्रोही समूह के गर्वनरों को भी छुड़ाया

तालिबान के सदस्यों ने बताया कि तालिबान के शेख अब्दुर रहीम और मावलवी अब्दुर रशीद को भी रिहा किया गया है। 2001 में अमेरिका के नेतृत्व वाली सेनाओं द्वारा हटाए जाने से पहले तालिबान प्रशासन के दौरान शेख अब्दुर रहीम, कुनार प्रांत और अब्दुर रशीद, निम्रोज प्रांत के विद्रोही समूह के गवर्नर के तौर पर काम कर रहा था।

तालिबान के सदस्यों ने फोटो और फुटेज मुहैया कराई जिसमें उन्होंने दावा किया कि रिहा किए गए सदस्यों का स्वागत किया गया। अफगानी अधिकारियों ने तत्काल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

 
 

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