मां शाकंभरी देवी मेले की तैयारियों को लेकर डीएम-एसएसपी ने की बैठक
11 से 26 अक्टूबर तक लगेगा शारदीय नवरात्रि मेला, सुरक्षा के लिए 3 जोन और 16 सब सेक्टर में बांटा मेला क्षेत्र
सहारनपुर, 7 अक्टूबर। मां शाकंभरी देवी मंदिर परिसर में 11 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले शारदीय नवरात्रि मेले की तैयारियों को लेकर बुधवार को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन ने भी अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के बाद अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और मंदिर में पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि मेले को दिव्य एवं भव्य बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साफ-सफाई, विद्युत एवं प्रकाश, पेयजल, स्वास्थ्य, शौचालय और यातायात समेत सभी व्यवस्थाओं को बेहतर रखा जाए। मेले में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाए, ताकि 24 घंटे व्यवस्थाओं की निगरानी बनी रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वे एक दिन पहले अपने ड्यूटी स्थल का निरीक्षण कर लें।
बैठक में सीसीटीवी कैमरे, पीए सिस्टम, अस्थाई अस्पताल, एंबुलेंस, पार्किंग, बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, पेयजल और पुलिस बल की उपलब्धता समेत विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए और उनकी साफ-सफाई के लिए 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती रहे। विद्युत और प्रकाश व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में मेला क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाले अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और उनका संचालन कंट्रोल रूम से किया जाए। जल निगम शिफ्टवार कर्मचारियों की तैनाती कर श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। बारिश या पानी आने की स्थिति में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए मेला क्षेत्र से बाहर टेंट की व्यवस्था की जाए। लेटकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मैटिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तीन शिफ्टों में होगी ड्यूटी
डीएम ने अस्थाई थाने में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। इसकी मॉनीटरिंग उपजिलाधिकारी करेंगे। उपजिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी दुकानदारों के साथ भी बैठक करेंगे। मेले में उच्च गुणवत्ता वाले पीए सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को घोषणाएं स्पष्ट रूप से सुनाई दे सकें।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 3 जोन और 16 सब सेक्टर में बांटा गया है। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए कि वे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और उनका व्यवहार सौम्य एवं मधुर रहे। मेला क्षेत्र की व्यवस्थाएं ऐसी हों कि श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक-चौबंद
एसएसपी अभिनन्दन ने कहा कि मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी टीम भावना के साथ काम करें। मेला क्षेत्र में मेला कोतवाली स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और होमगार्ड की तैनाती की जाएगी।
संवेदनशील स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेले का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
मेले में श्रद्धालुओं के लिए अस्थाई अस्पताल और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। पार्किंग की समुचित व्यवस्था करने के साथ ही उसकी सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। मेला क्षेत्र में ड्यूटी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के ड्यूटी पास भी जारी किए जाएंगे। विशेष दिवसों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी शेर सिंह कक्कड़, एसपी ग्रामीण मयंक पाठक, एसपी यातायात शैलेंद्र कुमार, आदित्य राणा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
