राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 133 गवाह, CCTV से बैंक खातों तक पुलिस ने जुटाए साक्ष्य
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जांच पूरी करते हुए आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ डिजिटल, CCTV, बैंकिंग और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं। चार्जशीट में 133 गवाहों के बयान भी शामिल किए गए हैं। वहीं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी नहीं बनाया गया है, बल्कि गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।
CCTV फुटेज में दर्ज होने का दावा
विवेचना रिपोर्ट में गणना कक्ष में चढ़ावे की रकम से संबंधित कथित घटनाओं के CCTV फुटेज में रिकॉर्ड होने का उल्लेख किया गया है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अविनाश शुक्ला 85 बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए CCTV में दिखाई दिया।
रिपोर्ट में करुणेश पांडेय के दो बार रकम हटाने और 68 बार कथित तौर पर सहयोग करने का उल्लेख है। इसी तरह मनीष यादव के 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने तथा लवकुश मिश्रा के एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा 56 बार सहअभियुक्तों की मदद करते हुए CCTV में दिखाई दिया। वहीं रमाशंकर मिश्रा के एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए दिखाई देने का उल्लेख विवेचना रिपोर्ट में किया गया है।
मोबाइल चैट और CDR को भी बनाया आधार
पुलिस ने आरोपियों के बीच कथित संपर्क की जांच के लिए मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का भी इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट में आरोपियों के बीच लगातार संपर्क होने का दावा किया गया है।
जांच के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, डॉलर और आभूषण बरामद किए जाने की बात भी सामने आई है। इससे पहले पुलिस की ओर से बताया गया था कि आरोपियों से कुल करीब 79.85 लाख रुपये बरामद हुए थे, जिसमें अविनाश शुक्ला के पास से सर्वाधिक रकम मिलने की बात कही गई थी।
रकम से कार, जमीन और मकान खरीदने का दावा
विवेचना में पुलिस ने कथित तौर पर चढ़ावे की रकम के इस्तेमाल से संपत्ति और वाहन खरीदने की जानकारी जुटाने का दावा किया है। रिपोर्ट में अनुकल्प मिश्रा के पिता के मकान की खरीद में कथित अपराध की रकम इस्तेमाल होने तथा लवकुश मिश्रा द्वारा जमीन और मकान में 43.43 लाख रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख किया गया है।
जांच में बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकदी जमा किए जाने की जानकारी भी शामिल किए जाने की बात सामने आई है। इससे पहले पूछताछ के आधार पर अविनाश शुक्ला द्वारा कथित तौर पर करीब 19 लाख रुपये परिवार और दोस्तों पर खर्च करने की जानकारी भी रिपोर्ट हुई थी।
133 गवाहों में चंपत राय का नाम
चार्जशीट में कुल 133 गवाहों का उल्लेख किया गया है। इनमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार इन लोगों के खिलाफ आपराधिक संस्तुति नहीं की गई है और उन्हें गवाह बनाया गया है।
विवेचना में चंपत राय के बयान का भी उल्लेख है, जिसमें 4 जून की घटना और बाथरूम से रकम बरामद होने से संबंधित जानकारी दर्ज होने की बात कही गई है। वहीं गणना कर्मी के बयान में आरोपियों पर नोटों की गड्डियां छिपाने के आरोप का उल्लेख किया गया है।
कोर्ट में दाखिल हुई चार्जशीट
मामले में पुलिस ने अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। अलग-अलग रिपोर्टों में चार्जशीट की कुल लंबाई के अलग आंकड़े प्रकाशित हुए हैं, लेकिन सभी रिपोर्टों में यह बताया गया है कि इसमें बड़ी संख्या में दस्तावेज, CCTV और डिजिटल साक्ष्य तथा 133 गवाहों का विवरण शामिल है।
अब मामले में अदालत के समक्ष आरोपियों के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया चलेगी। पुलिस की ओर से लगाए गए आरोप और विवेचना में दर्ज दावे अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।
