सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, एडीएम को सौंपा ज्ञापन

सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध धार्मिक स्थलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
सहारनपुर में अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते अधिवक्ता।

सहारनपुर। सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जों और धार्मिक स्थलों के निर्माण की शिकायत को लेकर अधिवक्ता मोहम्मद अली ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (जे) राम आसरे वर्मा को सौंपा गया।

कई सार्वजनिक स्थलों पर कब्जे का आरोप

प्रार्थना पत्र में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परिसर (अवैध कब्जेदारों को बेदखल करना) अधिनियम-1972 और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों का हवाला देते हुए सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की गई है।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सहारनपुर जिले में पिछले कई वर्षों के दौरान सार्वजनिक सड़कों, नालों, पार्कों और अन्य सरकारी भूमि पर धार्मिक स्थलों के नाम पर कथित रूप से निर्माण और कब्जे किए गए हैं। शिकायत में कुछ स्थानों पर इन निर्माणों की आड़ में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने और चंदा वसूली के भी आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रार्थना पत्र में उपलब्ध विवरण से नहीं होती है।

कई स्थानों का ज्ञापन में किया गया उल्लेख

ज्ञापन में कलेक्ट्रेट कोर्ट परिसर से हकीकत नगर रोड, रेलवे स्टेशन क्षेत्र, नुमाइश कैंप-अलसी बाग के सामने, किशनपुरा पटरी, राकेश सिनेमा के निकट पुल के नीचे, ग्राम हलालपुर की चिलकाना रोड, बेरीबाग-जेल चुंगी रोड, खलासी लाइन पुलिस चौकी के सामने, शहीदगंज बाजार और नेहरू मार्केट-जुबली पार्क सहित कई स्थानों का उल्लेख किया गया है।

शिकायतकर्ता ने संबंधित स्थलों की जांच कर यह निर्धारित करने की मांग की है कि वहां मौजूद निर्माण वैध हैं या नहीं तथा भूमि का राजस्व रिकॉर्ड में क्या स्वरूप दर्ज है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला

प्रार्थना पत्र में भारत संघ बनाम गुजरात राज्य, जोगिंदर सिंह बनाम हरियाणा राज्य और जगपाल सिंह बनाम पंजाब राज्य मामलों का हवाला देते हुए सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है।

अधिवक्ता का कहना है कि शिकायत में उल्लिखित अधिकांश निर्माण वर्ष 1947 के बाद के बताए गए हैं। ऐसे में उन्होंने संबंधित अभिलेखों की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

जांच के बाद कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में कथित अवैध निर्माणों की जांच कराने, यदि अतिक्रमण की पुष्टि हो तो उन्हें नियमानुसार हटाने, संबंधित कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा नियमानुसार आर्थिक दंड वसूलने की मांग की गई है। शिकायत के साथ संबंधित स्थलों के फोटो भी संलग्न किए जाने की बात कही गई है।

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विशेष वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और कानून के पालन की मांग करना है।

इस दौरान मुहम्मद अली एडवोकेट, मंजर हुसैन काजमी एडवोकेट, अशरफ खान एडवोकेट, डॉ. शादाब अंसारी, मूसा खान एडवोकेट, मोहम्मद फौजी एडवोकेट, फलक मलिक एडवोकेट, अजमत एडवोकेट, नवाज एडवोकेट, मुस्तकीम अंसारी और मोहम्मद अब्बास आदि मौजूद रहे।

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