अभिजीत दीपके का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें वरना जंतर मंतर पार्ट 2 होगा’

अभिजीत दीपके का 48 घंटे का अल्टीमेटम, ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें वरना जंतर मंतर पार्ट 2 होगा’

चुनाव आयोग को लेकर सीजेपी ने खोला मोर्चा, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग; बड़े आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर मोर्चा खोल दिया है। चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सीजेपी ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी तेज कर दी है। इसी बीच अभिजीत दीपके की ओर से ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने की बात सामने आई है।

दीपके का कहना है कि अगर उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीजेपी एक बार फिर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने इस संभावित आंदोलन को ‘जंतर-मंतर पार्ट 2’ बताया है। हालांकि, चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए सीजेपी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अब चुनाव आयोग बना CJP के निशाने पर

सीजेपी इससे पहले शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन कर चुकी है। उस आंदोलन में संगठन ने तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। बाद में आंदोलन कई सप्ताह तक चला और जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने इसे अपनी मांग से जोड़कर देखा था।

अब संगठन ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को अपने अभियान का केंद्र बनाया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक सीजेपी ने चुनाव आयोग और मतदान के अधिकारों से जुड़े सवाल उठाने की बात कही है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सीजेपी की ओर से चुनाव आयोग के फैसलों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवादों का भी मुद्दा उठाया जा रहा है। हालिया रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ चुनाव आयोग के फैसलों पर आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।

‘जंतर-मंतर पार्ट 2’ की चेतावनी

दीपके ने संकेत दिया है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को सड़क पर ले जाया जा सकता है। उनके पिछले आंदोलन को देखते हुए सीजेपी की ओर से अब फिर बड़े प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।

जून 2026 में सीजेपी ने जंतर-मंतर पर शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। उस दौरान दीपके ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी थी।

अब चुनाव आयोग के मुद्दे पर भी सीजेपी उसी तरह के आंदोलन की तैयारी में है। संगठन की ओर से दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस और आगे की रणनीति घोषित करने की बात सामने आई है।

चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवाल

सीजेपी की ओर से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े कई सवाल उठाए जा रहे हैं। संगठन का दावा है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली को लेकर जनता के बीच सवाल हैं। दूसरी ओर, ये आरोप सीजेपी के राजनीतिक दावे हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

अब देखना होगा कि 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद सीजेपी क्या कदम उठाती है और क्या दिल्ली में एक नया प्रदर्शन आयोजित किया जाता है। फिलहाल अभिजीत दीपके के इस ऐलान के बाद चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

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