UP MLC Election 2026: 23 अक्टूबर को वोटिंग, सपा ने वाराणसी में फिर इन्हीं चेहरों पर जताया भरोसा

UP MLC Election 2026: 23 अक्टूबर को वोटिंग, सपा ने वाराणसी में फिर इन्हीं चेहरों पर जताया भरोसा

11 एमएलसी सीटों पर होगा चुनाव, 27 अक्टूबर को आएगा परिणाम; सपा के सामने पुराने प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

इन 11 सीटों में 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित की गई है। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।

वाराणसी में सपा ने पुराने चेहरों पर जताया भरोसा

समाजवादी पार्टी पहले ही वाराणसी खंड स्नातक और वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी है। पार्टी ने आशुतोष सिन्हा को वाराणसी खंड स्नातक और लाल बिहारी यादव को वाराणसी खंड शिक्षक सीट से दोबारा मैदान में उतारा है। दोनों मौजूदा एमएलसी हैं और इस बार उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।

2020 में हुए चुनाव में भी आशुतोष सिन्हा ने वाराणसी खंड स्नातक सीट और लाल बिहारी यादव ने वाराणसी खंड शिक्षक सीट से जीत दर्ज की थी। सपा ने एक बार फिर दोनों पर भरोसा जताते हुए उन्हें चुनाव मैदान में उतारा है।

2020 के प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश

2020 के एमएलसी चुनाव के दौरान प्रदेश की राजनीति में भाजपा का प्रभाव मजबूत था। इसके बावजूद वाराणसी के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में सपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। इस बार भी पार्टी ने अपने पुराने विजेता प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाया है।

वाराणसी जिला प्रशासन की वेबसाइट पर भी वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मतदाता सूचियों और चुनाव संबंधी जानकारी उपलब्ध है।

सपा ने पांच सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार

सपा ने अब तक पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। इनमें वाराणसी शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव, वाराणसी स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा, इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट से मान सिंह यादव, लखनऊ स्नातक सीट से कांति सिंह और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट से कमलेश यादव शामिल हैं।

सपा के तीन मौजूदा एमएलसी—मान सिंह यादव, आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव—इन्हीं चुनावों वाली सीटों से दोबारा प्रत्याशी बनाए गए हैं।

बीजेपी भी चुनावी तैयारियों में जुटी

भारतीय जनता पार्टी ने भी एमएलसी चुनाव के लिए अपने कुछ प्रत्याशियों की घोषणा पहले ही कर दी थी। पार्टी ने लखनऊ स्नातक सीट से अवनीश कुमार सिंह, आगरा स्नातक से डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक से डॉ. हरि सिंह ढिल्लों, लखनऊ शिक्षक से उमेश द्विवेदी और मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।

अब बाकी सीटों पर मुकाबले को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। चूंकि ये चुनाव स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए होते हैं, इसलिए इनमें संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की अलग मतदाता सूचियों में दर्ज मतदाता ही मतदान करते हैं।

आशुतोष सिन्हा ने बीजेपी पर लगाया धनबल-बाहुबल के इस्तेमाल का आरोप

सपा प्रत्याशी और मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें दोबारा जनता की सेवा का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मतदाताओं का विश्वास हासिल कर उनकी आवाज विधान परिषद तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने भाजपा पर चुनाव में धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। यह आरोप आशुतोष सिन्हा का राजनीतिक दावा है। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां और मतदाताओं से संपर्क अभियान चलाने की जानकारी सामने आई है।

2027 से पहले अहम चुनाव

विधान परिषद की इन 11 सीटों का चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। इसलिए राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव संगठन और संबंधित मतदाता वर्गों के बीच अपने समर्थन का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

अब निगाहें 23 अक्टूबर के मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले परिणामों पर रहेंगी। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं का रुख राजनीतिक दलों की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

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