‘मैं यही कहूंगा कि…’, SIR पर मचे बवाल को लेकर क्या बोले पूर्व चुनाव आयुक्त?

‘मैं यही कहूंगा कि…’, SIR पर मचे बवाल को लेकर क्या बोले पूर्व चुनाव आयुक्त?

चुनाव आयोग (ECI) और SIR प्रक्रिया को लेकर मचे बवाल के बीच पूर्व चुनाव आयुक्त ओपी रावत का बयान आया है. उन्होंने कहा कि एसआईआर से वोटर डरे हुए हैं और ये लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है. उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई से बुधवार को बात करते हुए ओपी रावत ने कहा, “मैं यही कहूंगा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है. चुनाव आयोग में ऐसा शायद ही कभी हुआ हो. वहां काम करने के दौरान मैंने हमेशा देखा कि फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते थे और जब भी विचारों में मतभेद होता था, तो एकता बनाए रखने के लिए आम सहमति बनाई जाती थी.”

जनता का भरोसा पूरी तरह टूट रहा- ओपी रावत

चुनाव आयोग की वर्तमान स्थिति को लेकर रावत ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस संस्था पर जनता का भरोसा पूरी तरह से टूट रहा है. जिस संस्था पर लोगों को निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव कराने का भरोसा था, उसने SIR के जरिए एक ऐसा ‘फ्रेंकस्टीन’ खड़ा कर दिया है कि हर जगह वोटर डरे हुए हैं.

‘हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण’

देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगे आरोपों को लेकर पूर्व चुनाव आयुक्त रावत ने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है और हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि यह बेहतर होता अगर हमारे दोनों सम्मानित चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने तक इंतजार न किया होता. उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग पूरी आजादी देता है और अगर आपको लगता है कि कुछ गलत हो रहा है, तो आप तुरंत सार्वजनिक रूप से अपनी बात कह सकते हैं.

उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सवाल उठाया है कि उन 50 पोलिंग स्टेशनों पर EVM कैसे इस्तेमाल की गईं, वहां का चुनाव रद्द कर दिया गया और बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके दोबारा वोटिंग का आदेश दिया गया. जिस तरह से फॉर्म 6 में बदलाव किया गया है, वह पूरी तरह से गलत, अनुचित और गैर-कानूनी है.

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