स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत, पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला

स्वतंत्र भारद्वाज को 3 हफ्ते की अंतरिम जमानत, पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) सौरभ प्रताप सिंह लालर की अदालत ने यह आदेश दिया। हालांकि, भारद्वाज की ओर से नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी।

कोर्ट ने 14 सितंबर को जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अंतरिम जमानत मिलने के बाद माना जा रहा है कि स्वतंत्र भारद्वाज अगले एक-दो दिनों में जेल से बाहर आ सकते हैं।

संजय कुमार पर हमले का आरोप

स्वतंत्र भारद्वाज पर एक लड़की के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट करने का आरोप है। एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने कथित तौर पर खुद दावा किया था कि उसने कड़े से संजय कुमार पर हमला किया था, जिससे उनका सिर फट गया। उसने यह भी दावा किया था कि संजय को करीब 60 टांके आए थे।

सुनवाई के दौरान भारद्वाज ने दावा किया था कि उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट की धाराएं लगाए जाने तथा गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक कारण हैं।

5 सितंबर को बुलंदशहर से हुई थी गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को 5 सितंबर को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। उनके पॉडकास्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पीड़ित की बेटी ने वीडियो जारी कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मदद की अपील की थी।

इसके बाद कांग्रेस नेताओं, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता एवं कार्यकर्ताओं और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के नेता तथा नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ने और एससी-एसटी तथा पॉक्सो एक्ट लगाने की मांग की थी।

पहली एफआईआर में लगी थीं ये धाराएं

संजय कुमार पर हमले के मामले में दर्ज शुरुआती एफआईआर में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ BNS की धारा 115(2) और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। वीडियो वायरल होने के करीब 24 घंटे के भीतर पुलिस ने मामले में अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी थीं, जिसके बाद भारद्वाज की गिरफ्तारी हुई।

पुलिस ने पहले कहा था कि संजय कुमार की दूसरी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी जानी है या नहीं।

हाईकोर्ट में भी दाखिल हुई थी याचिका

इससे पहले स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद याचिका खारिज कर दी थी।

अब पटियाला हाउस कोर्ट से तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिलने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के जल्द जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

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