आकाश आनंद पर अखिलेश यादव नरम दिल! सवाल पर बोले- लेकर आएं…
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के भतीजे आकाश आनंद को समाजवादी पार्टी में शामिल करने को लेकर बयान दिया है.
अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी का अपना फैसला है. इसमें दूसरे दल के लोग कोई बात नहीं कह सकते. अगर तुम लेकर आओगे तो ले लेंगे. सबके सामने कह दिया. इनकी इच्छा है, ये लेकर आएं.
अखिलेश यादव के इस बयान के मायने क्या?
इस बयान के जरिए अखिलेश यादव ने एक ओर जहां आकाश आनंद को लेकर नरमी के संकेत दिए तो वहीं यह भी इशारा किया कि पार्टी इस मुद्दे पर उतनी ही चर्चा करेगी, जितना की मामला सियासत से जुड़ा रहे. सपा और अखिलेश यह नहीं चाहते कि आकाश आनंद पर टिप्पणी करते हुए मामला मायावती के परिवार के आंतरिक कलह तक पहुंच जाए.
सपा चीफ अखिलेश यादव से पहले, पार्टी प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा था कि अगर आकाश आनंद समाजवादी विचारधारा के साथ आना चाहते हैं तो उनका स्वागत है.
बता दें मायावती ने गुरुवार, 10 सितंबर को आकाश आनंद को एक बार फिर बाहर का रास्ता दिखा दिया. उन्होंने कहा कि आकाश आनंद डबल माइंड से पार्टी में काम कर रहे हैं. मायावती ने उन पर स्वार्थी और परिवार के मोह में फंसने का आरोप भी लगाया.
10 बिंदुओं में बसपा चीफ ने जारी किया बयान
बसपा चीफ ने 10 बिंदुओं के एक बयान में सोशल मीडिया साइट एक्स पर यह भी लिखा कि आकाश के ससुर अशोक ने सिर्फ इसलिए राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया ताकि उनके दामाद को बसपा में पद मिल सके.
इतना ही नहीं यूपी की पूर्व सीएम ने यहां तक आरोप लगाया कि आकाश आनंद ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं किया जो उनके लिए सकारात्मक और भलाई के पहलू वाला था.
