‘राजनीति का समय नहीं है’, मणिपुर के संगीतकार की हत्या मामले में रिजिजू का राहुल पर पलटवार
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार सी. विक्रम सिंह की हत्या के मामले का राजनीतिकरण करने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की।
पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि राहुल को इस मामले में बीजेपी को नहीं घसीटना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी नॉर्थ-ईस्ट के लोगों से जुड़ी कोई घटना होती है, तो दिल्ली पुलिस तुरंत कार्रवाई करती है।
यह राजनीति का समय नहीं: रिजिजू
रिजिजू ने कहा,’यह राजनीति का समय नहीं है। मैं हमेशा पूछता रहता हूं कि राहुल गांधी इसमें बीजेपी को क्यों लाते हैं? जब कोई घटना होती है तो ध्यान तुरंत कार्रवाई पर होना चाहिए। यह राजनीति का मामला नहीं है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली पुलिस के तहत बना नॉर्थ-ईस्ट स्पेशल पुलिस सेल लगातार संपर्क में रहता है और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करता है।
हालात अब पहले जैसे नहीं रहे, हमने तेजी से कदम उठाने के लिए एक सिस्टम बनाया है। इसलिए, जब भी दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों से जुड़ी कोई घटना होती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाती है।’
यह बयान राहुल गांधी द्वारा मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत की निंदा करने के बाद आया है। सिंह पर कथित तौर पर कुछ लोगों के समूह ने हमला किया था।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस से सवाल किया था कि वे दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मणिपुर के मशहूर म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह अपने घर के बाहर हो रहे शोर को कम करने के लिए कुछ लोगों से कहने नीचे गए थे। इसके लिए उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया।
एक पिता की हत्या उसके अपने ही घर के बाहर, उसके ही देश की राजधानी में कर दी गई। ऐसी कई घटनाओं के बाद, आज दिल्ली में रहने वाला हर नॉर्थ-ईस्ट का परिवार यही सवाल पूछ रहा है – क्या हम यहाँ सुरक्षित हैं?”
उन्होंने आगे कहा, ‘शाह का गृह मंत्रालय (MHA) और दिल्ली पुलिस इस बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए क्या कर रही है, खासकर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ? इसकी जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। विक्रम जी के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।’
क्या था पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, विक्रम सिंह ने अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों के शोर-शराबे पर आपत्ति जताई थी। जब वे आपत्ति जताने के लिए नीचे आए, तो उन पर कथित तौर पर घूंसे और मुक्कों से हमला किया गया। विक्रम को उनका बेटा याइफाबा इलाज के लिए होली फैमिली हॉस्पिटल ले गया, जहां बाद में चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर को दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन में सी. विक्रम सिंह की कथित पिटाई के संबंध में एक पीसीआर कॉल आई थी।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि सिंह ने किलोकारी गांव में अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी।
जब वे नीचे आए और आपत्ति जताई, तो उन पर कथित तौर पर घूंसे और मुक्कों से हमला किया गया। अधिकारी ने आगे बताया कि उन्होंने हत्या की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है और कहा कि नाबालिगों सहित सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है।
