‘मोहब्बत की दुकान में सामान भी होना चाहिए’, मौलाना साजिद रशीदी का कांग्रेस पर तंज

‘मोहब्बत की दुकान में सामान भी होना चाहिए’, मौलाना साजिद रशीदी का कांग्रेस पर तंज
मौलाना साजिद रशीदी

New Delhi : ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर तंज कसते हुए कहा कि दुकान तो है, लेकिन उसमें मोहब्बत का सामान भी होना चाहिए।

रशीदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब AIMIM के नेता आसिम वकार कांग्रेस में शामिल हुए हैं और उन्होंने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात कही है।

‘मौका देखकर राजनीति करती है कांग्रेस’

मौलाना साजिद रशीदी ने कांग्रेस पर अवसर देखकर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप मौका देखकर वार करते हैं, मौका देखकर बात करते हैं। जहां आपको लगता है कि मुसलमानों की गैदरिंग है, वहां मुसलमान की बात करते हैं और जहां हिंदू गैदरिंग है, वहां हिंदू की बात करते हैं।”

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कांग्रेस का कोई स्पष्ट स्टैंड नजर नहीं आता।

‘राम मंदिर का पूरा मामला कांग्रेस के समय हुआ’

राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद का जिक्र करते हुए रशीदी ने कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 1949 में मूर्तियां रखे जाने से लेकर 1986 में ताला खुलने और शिलान्यास तक की घटनाएं कांग्रेस शासन के दौरान हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय केंद्र में नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी।

रशीदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है।

‘बाबरी मस्जिद की असली मुजरिम कांग्रेस’

साजिद रशीदी ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा, “बाबरी मस्जिद की असल मुजरिम तो कांग्रेस है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखवाने, ताला खुलवाने और शिलान्यास कराने से लेकर कई घटनाएं कांग्रेस के शासनकाल में हुईं।

मोहन भागवत के बयान का किया था समर्थन

इससे पहले 30 अगस्त को रशीदी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता वाले बयान का समर्थन किया था। उन्होंने नफरत और हिंसा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

रशीदी ने कहा था कि हिंदू-मुस्लिम एकता और अनेकता में एकता ही भारत की असली रूह और सभ्यता है। उनके मुताबिक, अलग-अलग धर्मों के लोग अपनी-अपनी पूजा पद्धतियों के साथ सदियों से साथ रहते आए हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस भाईचारे को नफरत में बदलने की कोशिशें हुई हैं।

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