परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर, शाह ने दिया चिकन-नेक की सुरक्षा का रोडमैप
चिकन-नेक कहे जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल और सेंट्रल फोर्स के सीनियर लेवल के अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की है. उन्होंने इस बैठक में देश की इस्टर्न बॉर्डर (पूर्वी सीमाओं) पर सिक्योरिटी को लेकर समीक्षा की है. साथ ही उन्होंने मुख्य रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया है. बैठक 22 अगस्त को की गई है.
इस अहम बैठक से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए अधिकारी ने बताया कि मीटिंग का मुख्य मकसद सीमा पर निगराना बढ़ाना है. साथ ही सेंट्रल सिक्योरिटी फोर्स, खुफिया एजेंसियों और राज्य के साथ प्रशासन के बीच तालमेल बेहतर करने पर जोर दिया गया है. इसके अलावा ट्रांयगुलर सिक्योरिटी ग्रिड यानी त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया गया है. इस मीटिंग में बॉर्डर्स पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सीनियर अधिकारियों ने इस अहम चर्चा में हिस्सा लिया है.
तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन गृहमंत्री अमित शाह ने की बैठक
तीन दिवसीय राज्य के दौरे पर पहुंचे अमित शाह ने इस बैठक को सिलीगुड़ी के बाहरी इलाके सुकना में की है. इस बैठक का महत्व इसलिए भी था क्योंकि सिलीगुड़ी नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के इंटरनेशनल बॉर्डर के करीब है. यह संकरा कॉरिडोर पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच मुख्य जमीनी संपर्क मार्ग है.
इससे पहले एसएसबी के एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा था कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर सबसे सेंसिटिव इलाकों में से एक है. यह 8 राज्यों को जोड़ता है. नेशनल सिक्योरिटी को लेकर बहुत अहम है. हमने असम के धुबरी, बिहार के किशनगंज और पश्चिम बंगाल के चोपडा़ में तीन नए सैन्य ठिकाने बनाकर एक त्रिकोणीय ग्रिड तैयार किया है. उन्होंने चिकन्स नेक जमीनी हिस्से के चारों और ग्रिड बनाने की केंद्र की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया था.
