Jantar Mantar बना ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन का नया केंद्र, BJP के Core Voters का हल्ला बोल!

Jantar Mantar बना ‘आरक्षण हटाओ’ आंदोलन का नया केंद्र, BJP के Core Voters का हल्ला बोल!

New Delhi : दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर बड़े आंदोलन की चर्चा के केंद्र में है। ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से जुड़े सोशल मीडिया अभियान ने 21 अगस्त को यहां प्रदर्शन का आह्वान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि जंतर-मंतर पर किसी भी प्रदर्शन, जुलूस या सभा के लिए अनुमति नहीं दी गई है।

सोशल मीडिया पर चल रहे इस अभियान को लेकर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने के दावे किए जा रहे हैं। यह अभियान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर समर्थन जुटा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसके डिजिटल नेटवर्क ने पिछले कुछ हफ्तों में तेजी से फॉलोअर्स बनाए हैं।

इस आंदोलन की तुलना हाल में चर्चा में रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के डिजिटल विरोध-प्रदर्शन से भी की जा रही है। CJP ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जुटाकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। अब ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ भी इसी तरह ऑनलाइन कैंपेन के जरिए समर्थकों को लामबंद करने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, इसे सीधे BJP के ‘कोर वोटर्स’ का आंदोलन कहना अभी सावधानी से ही देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में आंदोलन के समर्थकों की राजनीतिक पहचान को आधिकारिक तौर पर BJP के कोर वोटर के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। ऐसे में इसे फिलहाल आरक्षण विरोधी डिजिटल अभियान कहना ज्यादा सटीक होगा।

उधर, दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए लोगों को बिना पुष्टि वाली सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करने की सलाह दी है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति मिलने के दावों को गलत बताया है और फर्जी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।

जंतर-मंतर पर पहले हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी गठित की है, जो पुलिस और सुरक्षा बलों के कथित बल प्रयोग तथा प्रदर्शनकारियों की ओर से हुई हिंसा के आरोपों की जांच करेगी।

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