सरकार ने CJP की दो मांगों पर दिखाई सहमति? केंद्र से बैठक के बाद पार्टी का दावा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग बरकरार
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में उसकी कुछ मांगों पर सकारात्मक रुख देखने को मिला है। हालांकि, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर CJP अब भी अडिग है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो मार्च’ के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के मामले में जिम्मेदार सुरक्षाबलों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। इसके अलावा, घायल और प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर भी केंद्र का रुख सकारात्मक बताया गया।
CJP ने कहा कि बैठक में उसने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है और सरकार को इस पर फैसला लेना ही होगा। पार्टी के मुताबिक, इन सभी मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ विस्तृत चर्चा हुई है और सरकार ने अंतिम जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है।
जेपी नड्डा बोले- आंदोलनकारियों की सभी बातें सुनीं
उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बैठक के बाद कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों की सभी बातें गंभीरता से सुनी हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब दो घंटे तक चर्चा हुई, जिसमें आंदोलनकारियों ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पांच सुझाव भी दिए।
नड्डा ने कहा कि सरकार इन सुझावों पर विचार कर रही है और कल दोपहर फिर एक बैठक होगी, जिसमें सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया जाएगा।
अभिनय सर ने साधा नड्डा पर निशाना
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अभिनय सर ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री होने के बावजूद नड्डा अपने ही मंत्रालय की समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं संभाल पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “देश के अस्पतालों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। लगातार गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार उन्हें किस आधार पर मिलता है?”
अभिनय सर ने अपनी बात समाप्त करते हुए एक बार फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।
