सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा आरोप, बोले- ‘दिल्ली पुलिस ने मुझे पीटा और हिरासत में लिया’

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के बाद अभिजीत दीपके का बड़ा आरोप, बोले- ‘दिल्ली पुलिस ने मुझे पीटा और हिरासत में लिया’

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा धरना स्थल से हटाकर अस्पताल ले जाने के बाद विवाद और गहरा गया है। इस कार्रवाई के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि “दिल्ली पुलिस ने मुझे पीटा और बाद में हिरासत में ले लिया।” उनका आरोप है कि पुलिस ने केवल सोनम वांगचुक को ही नहीं हटाया, बल्कि जंतर-मंतर पर मौजूद सीजेपी कार्यकर्ताओं को भी वहां से बलपूर्वक हटाया।

पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

हाईकोर्ट की सुनवाई से पहले हुई कार्रवाई

दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित थी। इससे दो दिन पहले अदालत ने वांगचुक की लगातार बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए प्रशासन को उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए थे।

‘हर नागरिक का जीवन सर्वोपरि’

दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने निर्देशों में कहा था कि किसी भी नागरिक का जीवन सर्वोपरि है। अदालत ने प्रशासन से वांगचुक की रोजाना चिकित्सकीय जांच कराने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा था। साथ ही केंद्र सरकार से उनके जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।

डॉक्टरों ने बताया था स्वास्थ्य बेहद गंभीर

वांगचुक का स्वास्थ्य परीक्षण करने वाले डॉक्टरों ने शुक्रवार को उनकी स्थिति को मेडिकल इमरजेंसी बताया था। चिकित्सकों के अनुसार, करीब 20 दिनों तक भोजन न करने के कारण उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घट चुका था। शरीर में ग्लूकोज और वसा का स्तर अत्यधिक कम हो गया था, जिसके बाद मांसपेशियों पर भी असर पड़ने लगा था।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि यदि अनशन जल्द समाप्त नहीं कराया गया, तो शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं और उनकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

फिलहाल, सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। वहीं, पुलिस कार्रवाई और अभिजीत दीपके के आरोपों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।