Bundelkhand से CM Yogi का SP पर हमला: ‘जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा है, उन्हें राम मंदिर और काशी विश्वनाथ अच्छे नहीं लगते’
बांदा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बांदा दौरे के दौरान कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड को औद्योगिक और रक्षा उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने का संकल्प दोहराया। साथ ही समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि “जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा है, उन्हें राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम अच्छे नहीं लगते।”
पंडित जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIDA) के जरिए पूरे क्षेत्र को एक आधुनिक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले वर्षों में बुंदेलखंड से पलायन पूरी तरह रुकेगा और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोग यहां रोजगार के लिए आएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम बुंदेलखंड को धरती का स्वर्ग बनाएंगे। अब यहां के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बुंदेलखंड को डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का प्रमुख केंद्र बनाया जा रहा है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण होगा। जब भारत इन मिसाइलों का इस्तेमाल करेगा तो दुश्मन थर-थर कांपेगा।”
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य सरकार ने भूमि माफियाओं के कब्जे से करीब 64 हजार एकड़ जमीन मुक्त कराई है, जिसका उपयोग विकास कार्यों के लिए किया जा रहा है।
‘9.5 साल पहले का बुंदेलखंड और आज का बुंदेलखंड अलग’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में करीब साढ़े नौ वर्ष पहले की पहली बुंदेलखंड यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस समय क्षेत्र पलायन, जल संकट, खनन माफिया, भूमि माफिया और डकैतों के आतंक के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें सबसे पहले बुंदेलखंड का दौरा करने की सलाह दी थी।
उन्होंने कहा, “तब किसान अपने खेतों तक जाने से डरते थे। न अच्छी सड़कें थीं, न पानी की व्यवस्था और न रोजगार के अवसर। आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है, हर घर और खेत तक पानी पहुंच रहा है और सरकारी भर्तियों में यहां के युवाओं को रोजगार मिल रहा है। जो कभी सपना था, वह आज हकीकत बन चुका है।”
समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण पर काम करती है, जबकि पिछली सरकार में सरकारी धन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनाने पर खर्च किया जाता था।
उन्होंने कहा, “यही कारण है कि जिन्हें कब्रिस्तान प्यारा है, उन्हें राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम अच्छे नहीं लगते। भाजपा और अन्य दलों की सोच में यही मूल अंतर है।”
स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री ने बांदा के प्रसिद्ध ‘शज्जर पत्थर’ का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को गति मिलने का श्रेय स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी जाता है, जिन्होंने लूट, डकैती और माफिया संस्कृति की जगह विकास को प्राथमिकता दी है।
