चंपत राय का नाम लिए बिना अखिलेश बोले , ‘ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफे नहीं होते’

चंपत राय का नाम लिए बिना अखिलेश बोले , ‘ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफे नहीं होते’

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बीच अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने एक्स पोस्ट में चंपत राय का नाम लिए बिना बीजेपी की सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए तो अमृतकाल काल बनकर आया है.

‘प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा ही दिया’

सपा चीफ ने एक्स पोस्ट में कहा, “भाजपा का लंकाकांड, अयोध्या में ही होगा. आख़िर ‘दानभक्तों’ का मुखौटा उतर ही गया क्योंकि प्रभु की अलौकिक शक्ति ने अपना चमत्कार दिखा ही दिया. अब भाजपाइयों के  अहंकार की चमचमाती लंका के साम्राज्य का भी अंत होगा और ‘लंकाधिपति’ का भी. भाजपा के लिए तो अमृतकाल काल बनकर आया है.”

‘सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफ़े नहीं होते’

इसके आगे उन्होंने कहा, “ये सरकार तो कहती थी कि इसके राज में इस्तीफ़े नहीं होते हैं. ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ से आहत जनता कटाक्ष करते हुए कह रही है कि भाजपाई कह रहे हैं कि हमने कहा था कि ‘इस्तीफ़ा’ नहीं होता, हमने इस्तीफ़ा नहीं ‘त्यागपत्र’ दिया है.  दरअसल अभी तो ‘भाजपाई और उनके संगी-साथियों’ के काले कारनामों, करतूतों और कारगुज़ारियों का ये प्रथम अध्याय खुला है. बंटवारे की इस लड़ाई में अब इनकी ‘पार्टी, संघ, सभा, परिषद, वाहिनी और ट्रस्ट की टोली’ एक-दूसरे की पोल खोलेगी, इससे पहले कि ये लोग चोरी के माल से भरा अपना ‘झोला-बोरा’ लेकर इधर-उधर भागें, बार्डर बंद कर दिये जाएं. अभी तो शुरुआत है, अब तो केयर फ़ंड के साथ-साथ अनरजिस्टर्ड लोगों को अपने कुकृत्यों का हिसाब भी देना होगा.”

‘भगवान के ऑडिट से भाजपाई-गिरोह बच नहीं पाएगा’

सपा चीफ ने कहा, “भगवान के ऑडिट से ‘भाजपाई-गिरोह’ बच नहीं पाएगा. NEET के छात्र कह रहे हैं कि जब इस्तीफ़े शुरू हो गए हैं तो ‘लीकाधिपति’ का भी करवा दीजिए.”

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