विरोध करो, कमियां उजागर करो और चुनाव से सत्ता बदलो… सत्ता परिवर्तन पर पी चिदंबरम का भाजपा को जवाब

विरोध करो, कमियां उजागर करो और चुनाव से सत्ता बदलो… सत्ता परिवर्तन पर पी चिदंबरम का भाजपा को जवाब
Congress Leader P Chidambaram

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के दौरान ‘सत्ता परिवर्तन’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को इस शब्द का बचाव करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने भाजपा की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का काम सरकार का विरोध करना, उसकी कमियों को उजागर करना और चुनाव के जरिए उसे सत्ता से हटाना है.

‘विरोध करो, कमियां उजागर करो और चुनाव से सत्ता बदलो’

चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भाजपा की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने लिखा, “सत्ता परिवर्तन शब्द के इस्तेमाल पर भाजपा इतना गुस्सा क्यों दिखा रही है? लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन सामान्य बात है.”

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष का कर्तव्य सरकार का विरोध करना, संसद में उसकी कमियों को उजागर करना और चुनाव के जरिए उसे सत्ता से हटाना है. चिदंबरम ने इसे विरोध करो, पर्दाफाश करो और सत्ता से हटाओ के रूप में समझाया.

प्रशांत भूषण और नेहा बोरा के बयानों से शुरू हुआ विवाद

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को ‘सत्ता परिवर्तन की लड़ाई’ बताया. वहीं, छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने बांग्लादेश में जेन-जी आंदोलन का उल्लेख किया था.

भाजपा ने इन बयानों को नरेंद्र मोदी सरकार को चुनावी प्रक्रिया से बाहर हटाने की कोशिश के संकेत के रूप में पेश किया. हालांकि, विपक्ष ने इस आरोप को खारिज किया है.

भाजपा ने बयानों को राजनीतिक अस्थिरता से जोड़ा

कांग्रेस का कहना है कि चुनी हुई सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और चुनाव के जरिए उसे बदलने की कोशिश करना लोकतंत्र का वैध हिस्सा है. दूसरी ओर, भाजपा का तर्क है कि बांग्लादेश के आंदोलन का संदर्भ और प्रदर्शन आयोजित करने वालों की भाषा व्यापक राजनीतिक अशांति पैदा करने की कोशिश की ओर इशारा करती है.

इस मुद्दे पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष की आलोचना की है. इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शामिल हैं. भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी और संबित पात्रा ने भी विपक्ष के बयानों पर सवाल उठाए हैं.

प्रदर्शन के बीच बढ़ी सियासी बयानबाजी

यह राजनीतिक विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच सामने आया है. प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं. सत्ता परिवर्तन शब्द के इस्तेमाल और बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन के संदर्भ को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं.

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