महायुति में निगमों के बंटवारे का विवाद सुलझा, विधायक संख्या के आधार पर BJP, शिवसेना-NCP को मिलेगा हिस्सा

महायुति में निगमों के बंटवारे का विवाद सुलझा, विधायक संख्या के आधार पर BJP, शिवसेना-NCP को मिलेगा हिस्सा

New Delhi : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीसके सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर महायुति की समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक में लंबे समय से लंबित निगमों के बंटवारे का विवाद सुलझा लिया गया। नए फॉर्मूले के तहत बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी को उनकी विधायक संख्या के आधार पर निगमों का बंटवारा किया जाएगा। इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।

बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बीजेपी से गिरीश महाजन और चंद्रशेखर बावनकुले मौजूद रहे। शिवसेना की ओर से एकनाथ शिंदे, उदय सामंत, शंभूराज देसाई और दादा भुसे शामिल हुए। वहीं एनसीपी की ओर से सुनेत्रा पवार, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और संजय खोडके बैठक में मौजूद रहे।

समन्वय समिति की बैठक के प्रमुख बिंदु

  • जिन क्षेत्रों में विवाद है, उन्हें जल्द सुलझाया जाए और हर मंगलवार बैठक लेकर मामले का निपटारा किया जाए।
  • सीएम ने निर्देश दिए हैं कि सभी विषयों को अंतिम रूप देकर जल्द से जल्द निपटाया जाए। अगले एक महीने के भीतर सभी मुद्दे सुलझाए जाएं।
  • महामंडलों के अध्यक्ष और सदस्यों के नाम अंतिम रूप देकर भेजे जाएं — सूत्र।

DPDC को लेकर CM के निर्देश

  • DPDC में 60% सदस्यों और फंड के वितरण का अधिकार सत्तारूढ़ दल के विधायकों के पास रहेगा, जबकि 30% फंड के वितरण का अधिकार पालकमंत्री के पास रहेगा।
  • DPDC के तहत समितियों में भी इसी तरह का अनुपात रखने की बात कही गई है।
  • जिन क्षेत्रों में पालकमंत्री और सत्तारूढ़ दल के विधायक हैं, वहां 60% हिस्सेदारी रहेगी। वहीं 20% हिस्सेदारी महायुति के अन्य सहयोगी दलों के सत्तारूढ़ विधायकों को दी जाएगी।
  • महायुति के घटक दलों के विधायक ही DPDC समितियों के सदस्यों की नियुक्ति करेंगे।

महामंडलों का वर्गीकरण

  • महामंडलों को A, B और C कैटेगरी में बांटकर आवंटन किया जाएगा।
  • सबसे महत्वपूर्ण और बड़े महामंडल A कैटेगरी में होंगे, जबकि बाकी महामंडलों को B और C कैटेगरी में रखा जाएगा।
  • चूंकि भाजपा महायुति में सबसे बड़ी पार्टी है। इसलिए महामंडलों और सत्तारूढ़ DPDC समितियों के बंटवारे में भाजपा को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा।
  • इसके बाद एकनाथ शिंदे की शिवसेना और फिर NCP को हिस्सा मिलेगा।
  • महायुति के छोटे सहयोगी दलों को भी DPDC समितियों और फंड के वितरण में हिस्सा दिया जाए। साथ ही कुछ महामंडलों में अध्यक्ष/सदस्य पदों का हिस्सा भी छोटे सहयोगी दलों को देने के निर्देश सीएम ने दिए हैं।

जानिए क्या बोले चंद्रशेखर बावनकुले?

महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, ‘यह कोई नेतृत्व परिवर्तन का प्लेटफॉर्म थोड़ी है। यह क्या कोई प्लेटफॉर्म है नेतृत्व बदलने का? विपक्ष को बहुत जल्दी हो गई है नेतृत्व बदलने की। नेतृत्व बदलने का सवाल ही क्या है और किसलिए चाहिए?’

महाराष्ट्र की जनता ने मुख्यमंत्री को इतना बड़ा जनादेश दिया है। जिस तरीके से महाराष्ट्र की पूरी जनता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पीछे मजबूती से खड़ी है। 235 विधायक जीतकर आए हैं, फिर विपक्ष को ऐसी बातें क्यों करनी हैं? विपक्ष को लग रहा है कि जब तक देवेंद्र फडणवीस रहेंगे, तब तक उनकी दुकान नहीं चलेगी। इसलिए ऐसी बातें कर रहे हैं।

बावनकुले ने कहा, ‘हमने महायुति की कोऑर्डिनेशन कमिटी का प्लेटफॉर्म बनाया है। इसमें आज चर्चा हुई। मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री इसमें शामिल थे। बैठक में आने वाले एमएलसी चुनाव और नगर पंचायत के चुनाव में कैसे आगे बढ़ेंगे, इस पर चर्चा हुई। साथ ही चुनाव में जनता से किए गए वादों को पूरा करने को लेकर भी चर्चा हुई। आने वाले हर चुनाव में हम बतौर गठबंधन चुनाव लड़ेंगे।’

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