बसपा में सस्पेंस खत्म, सतीश चंद्र मिश्रा पर मायावती ने लिया बड़ा फैसला

बसपा में सस्पेंस खत्म, सतीश चंद्र मिश्रा पर मायावती ने लिया बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश की सियासत में बसपा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मायावती ने बड़ा संदेश दिया है। सतीश चंद्र मिश्रा के करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्रा उर्फ अंटू मिश्रा को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद सतीश चंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे थे।

हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक मायावती ने सतीश चंद्र मिश्रा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वे बसपा के राष्ट्रीय महासचिव बने हुए हैं और पार्टी की ब्राह्मण रणनीति में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट में भी आगामी चुनाव से पहले ब्राह्मणों को साधने की जिम्मेदारी सतीश मिश्रा पर होने का उल्लेख है।

अंटू मिश्रा पर क्यों हुई कार्रवाई?

मायावती ने अंटू मिश्रा को पार्टी से बाहर करते हुए उन पर पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाने और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए। अंटू को सतीश चंद्र मिश्रा का करीबी माना जाता है, इसलिए उनके निष्कासन के बाद सियासी गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे।

ब्राह्मण वोट पर मायावती का फोकस

अंटू मिश्रा पर कार्रवाई के बाद मायावती ने ब्राह्मण समाज को भरोसा दिलाया कि बसपा सत्ता में आने पर 2007 की तर्ज पर ब्राह्मणों समेत सर्वसमाज को सम्मान और भागीदारी देगी। इससे संकेत मिलता है कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ब्राह्मण-दलित सामाजिक समीकरण को फिर मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं।

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