फाल्टा में बीजेपी की जीत पर सपा अचरज में! अखिलेश यादव के प्रवक्ता ने कहा- 70 से 75 साल में BJP…
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 1,09,021 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त हो गई. इस परिणाम पर समाजवादी पार्टी ने संदेह जताया है.
पश्चिम बंगाल के फाल्टा में हुई री-पोलिंग में बीजेपी की जीत पर सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने कहा, ‘बिल्कुल-इसमें कोई शक नहीं है-24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट के गठन के बाद से पिछले 70-75 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी कभी तीसरे स्थान तक पर नहीं पहुंची, पहले या दूसरे स्थान की तो बात ही छोड़ दीजिए. यहां तक कि 2021 में जब बीजेपी दूसरे स्थान पर आई थी, तब भी उसे केवल 71 हजार वोट मिले थे और वह करीब एक लाख वोटों से पीछे थी. लेकिन आज इसी चुनाव में बीजेपी अचानक डेढ़ लाख वोटों के अंतर से जीत गई. इससे आप समझ सकते हैं कि बीजेपी ने किस हद तक सिस्टम को ‘हैक’ किया है. यह जनादेश नहीं, बल्कि एक हैक है.’
चुनाव से पीछे हट गए थे जहांगीर खान
बता दें पुनर्मतदान से कुछ ही दिन पहले टीएमसी के जहांगीर खान ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, जिसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने उनका निजी फैसला बताया था. हालांकि, उस समय नामांकन वापस लेना संभव नहीं था, इसलिए उनका नाम ईवीएम में बना रहा. पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि माकपा के शंभू नाथ कुर्मी 40,645 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.
कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मोल्ला 10,084 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. कुल 2.36 लाख मतदाताओं वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में खान को महज 7,783 वोट मिले. टीएमसी का 2011 से लगातार इस सीट पर कब्जा था और 2021 में इसने लगभग 57 प्रतिशत मतों के साथ जीत हासिल की थी. बीजेपी ने पुनर्मतदान में 71.2 प्रतिशत वोट हासिल किए, जो 2021 में 36.75 प्रतिशत के मुकाबले एक बड़ी छलांग है, जबकि टीएमसी का मत प्रतिशत गिरकर सिर्फ 3.7 प्रतिशत रह गया.
