कोलकाता। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को दावा किया कि बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की साजिश रची थी।

उन्होंने ध्यान दिलााया कि तृणमूल जहां मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) पर आपत्ति जता रही है, वहीं जिनके नाम ‘उचित कारणों’ से हटाए गए वे लोग कोई विरोध नहीं कर रहे हैं।

‘TMC ने घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में जोड़े’

बंगाल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एक दिवसीय दौरे पर आए फडणवीस ने कोलकाता के न्यूटाउन स्थित एक होटल में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एसआईआर में मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए संवैधानिक प्रावधान मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि जिनके नाम उचित कारणों से हटाए गए थे, उन्होंने विरोध नहीं किया फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व उनकी पार्टी तृणमूल को ही क्यों आपत्ति है? उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भले ही विशेष गहन पुनरीक्षण पर कुछ टिप्पणियां की है लेकिन इसे रोका नहीं।

इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस पूरी प्रक्रिया को रोकना चाहती थी। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण में संवैधानिक प्रावधान हैं जिसके तहत पीड़ित व्यक्ति न्याय मांग सकता है तथा कानूनी सहारा ले सकता है तथा वह इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हैं।

फडणवीस ने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया हर 10 वर्ष में की जानी चाहिये ताकि मृत, स्थानांतरित और अनधिकृत मतदाताओं के नाम हटाए जा सके। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आगामी विधानसभा चुनाव में ‘धोखाधड़ी के साधनों’ से जीतने के उदेश्य से इसका विरोध करने का आरोप लगाया।

‘बंगाल की 1,400 कंपनियां महाराष्ट्र चली गई हैं’

इस दौरान फडणवीस ने तृणमूल के 15 वर्षों के शासनकाल में कानून- व्यवस्था की खराब स्थिति और उद्योग की बदहाली समेत विभिन्न क्षेत्रों में विफलता का आरोप लगाते हुए ममता बनर्जी सरकार को घेरा। कहा कि बंगाल से बड़ी संख्या में उद्योग अन्य राज्यों में जा रहे हैं और उनमें से एक बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र में निवेश कर रहा है।

फडनवीस ने दावा किया कि बंगाल की लगभग 1,400 कंपनियां महाराष्ट्र चली गई हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बड़ी-बड़ी लिस्टेड कंपनियों का किसी राज्य को छोड़कर जाना इस बात का संकेत है कि वहां निवेश का माहौल ठीक नहीं है।

बंगाल सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि केवल रजिस्ट्रेशन के आधार पर उद्योग का आकलन नहीं किया जा सकता, बल्कि वास्तव में कितने उत्पादन शुरू हुए हैं, वही असली सूचक है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सत्ता में आने पर बंगाल फिर देश के शीर्ष पांच राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा।

बांग्ला भाषी पर हमले के आरोपों को बेबुनियाद बताया

तृणमूल कांग्रेस द्वारा महाराष्ट्र समेत विभिन्न भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों पर हमले होने के आरोपों को फडणवीस ने बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने कहा कि यह जांच कराया जाना उचित रहेगा कि काम की तलाश में लोग बंगाल से बाहर क्यों जा रहे हैं।

फडणवीस ने कहा कि यदि बंगाल के लोगों को हर तरह के काम के लिए राज्य से बाहर जाना पड़ रहा है, तो राज्य सरकार को शर्मिंदा होना चाहिए। यह सरकार की विफलता को दर्शाता है। मैं केवल ऊंची नौकरियों की बात नहीं बल्कि हर तरह के काम की बात कर रहा हूऔ।

उन्होंने कहा कि पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में समृद्ध बंगाली समुदाय हैं जो दुर्गा पूजा और काली पूजा जैसे त्योहारों को कोलकाता के पंडालों के समान भव्य तरीके से मनाते हैं।