डब्ल्यूएचओ ने कहा, रेस में सबसे आगे ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन

 

दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। इस खतरनाक महामारी के इलाज के लिए वैक्सीन की खोज में भी दुनिया के कई देश और उनके कई स्वास्थ्य और शोध संस्थान लगे हुए हैं।

इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इलाज के लिए जिस वैक्सीन पर काम कर रही है, वह कोरोना वायरस के तोड़ की रेस में सबसे आगे है। डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामिनाथन ने कहा है, ‘वह जिस स्टेज पर हैं और जितने एडवांस्ड हैं, मुझे लगता है वे सबसे आगे निकल रहे हैं।’
ऑक्सफोर्ड और AstraZeneca Plc. की वैक्सीन ChAdOx1 nCov-19 क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में है। इस चरण में पहुंचने वाली दुनिया की यह पहली वैक्सीन है। वहीं, अमेरिका की Moderna Inc अपनी वैक्सीन mRNA-1273 के ट्रायल का दूसरा चरण शुरू कर चुकी है। Moderna Inc भी काफी तेजी से काम कर रही है, लेकिन फिलहाल AstraZeneca का वैश्विक असर ज्यादा संभव लग रहा है।

इसके लेकर स्वामिनाथन ने कहा, ‘हमें पता है कि Moderna की वैक्सीन भी तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल में पहुंचने वाली है, शायद जुलाई में, इसलिए वे भी ज्यादा पीछे नहीं हैं, लेकिन AstraZeneca का ग्लोबल स्कोप ज्यादा है।

 
 

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