यूपी: दबिश देने गए दरोगा ने अधिवक्ता से की मारपीट, मामले ने पकड़ा तूल, एसएसपी ने किया सस्पेंड

 

मेरठ में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के मुरलीपुर गांव में दबिश डालने पहुंचे दरोगा ने एक अधिवक्ता से मारपीट कर दी। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया। शुक्रवार को दिनभर चले हंगामे के बाद शाम को एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया।

कंकरखेड़ा थाने की योगीपुरम चौकी के इंचार्ज जितेंद्र कुमार बृहस्पतिवार रात करीब 11 बजे मुरलीपुर गांव में एक आरोपी की तलाश में दबिश देने पहुंचे। आरोपी मौके से फरार मिला तो चौकी इंचार्ज घर में मौजूद उसके 15 वर्षीय बेटे को साथ लेकर चल दिए। पड़ोस में रहने वाले अधिवक्ता गफ्फार ने बच्चे को साथ ले जाने पर आपत्ति की तो दरोगा जितेंद्र कुमार आक्रोशित हो गए। दरोगा और अधिवक्ता के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते हंगामा हो गया। आरोप है कि दरोगा ने वर्दी का रौब दिखाते हुए अधिवक्ता से गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। परिजनों के विरोध के बावजूद चौकी इंचार्ज ने अधिवक्ता गफ्फार को गाड़ी में बैठा लिया और पुलिस चौकी व उसके बाद थाने के लॉकअप में भी मारपीट की। अधिवक्ता के हाथ में गंभीर चोट आई है। सूचना पर इंस्पेक्टर बिजेंद्र राणा थाने पहुंचे और चौकी इंचार्ज को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। रात में ही घायल अधिवक्ता को फर्स्टएड दिलाकर परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेजा।
दिन निकलते ही मामले ने तूल पकड़ा

शुक्रवार सुबह अधिवक्ता के साथ की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ गया। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपी दरोगा को सस्पेंड करने की मांग की। चेताया कि अगर आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। उन्होंने एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह से भी मुलाकात की। मेरठ बार ने भी अधिवक्ता से मारपीट पर नाराजगी व्यक्त की। देर शाम एसएसपी अजय साहनी ने चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया।

अधिवक्ता से मारपीट पर सरकार को घेरा
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी ने चौकी इंचार्ज द्वारा अधिवक्ता से की गई मारपीट के मामले को लेकर प्रदेश सरकार को घेरने का काम किया। प्रदेश महासचिव जीतू नागपाल ने कहा कि प्रदेश में अपराध चरम पर है और भाजपा सरकार की पुलिस तानाशाही पर उतर आई है। परिचय देने के बावजूद अधिवक्ता को बुरी तरह पीटना पुलिस की मानसिकता को दर्शाता है। प्रदेश प्रवक्ता शैंकी वर्मा ने कहा पुलिस द्वारा लगातार इस प्रकार के उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे तो पुलिस और जनता के बीच दूरियां बढ़ जाएंगी। इससे पूर्व प्रसपा का दल अधिवक्ता गफ्फार से उनके घर जाकर मिला और घटना पर नाराजगी व्यक्त की। पुलिस ऑफिस पहुंचकर आरोपी चौकी इंचार्ज को बर्खास्त करने की मांग की। जिलाध्यक्ष अज्जू पंडित, ऋषि पाल सैनी, जीशान अहमद, दीपक सिरोही आदि मौजूद रहे।

क्या कहते हैं अधिकारी
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि अधिवक्ता से अभद्रता के आरोपी चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच सीओ दौराला को सौंपी गई है।

 
 

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