सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता दे रहे आपत्तिजनक बयान ‘किसी की भी गिरफ्तारी नहीं होने देंगे’

सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता दे रहे आपत्तिजनक बयान ‘किसी की भी गिरफ्तारी नहीं होने देंगे’

नई दिल्ली । तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर चल रहा पंजाब और हरियाणा के किसानों का आंदोलन मंगलवार को 90वें दिन में प्रवेश कर गया् है। सिंघु के साथ-साथ बड़ी संख्या में किसान टीकरी, शाहजहांपुर और गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे  हैं और तीनों कृषि कानूनों की  रद करने की मांग पर अड़े हैं। इस बीच सिंघु बॉर्डर पर अब खुलेआम उपद्रवियों को संरक्षण देने की बात कही जा रही है। इन उपद्रवियों की ढाल बनने के लिए निहंग सिखों की जत्थेबंदिया एक साथ आ गई हैं। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (पंजाब) के मंच से निहंग सिख नेता बाबा नारायण सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस के मामले में सरकार की ओर से कई नौजवानों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। कई पर केस भी दर्ज किए जा रहे हैं। लेकिन, नौजवानों को डरने या कहीं छिपने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘जिस पर भी केस दर्ज हो वह हमारे पास आकर सिंघु बॉर्डर पर रह सकता है। किसी की भी गिरफ्तारी नहीं होने देंगे। सभी किसान व निहंग जत्थेबंदियां इसके लिए फैसला लेंगी।’

उन्होंने यह भी कहा कि नौजवानों ने ही बैरिकेड तोड़कर प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश करने दिया। बुजुर्ग 100-200 किलो वजन तो उठा नहीं सकते। अब ये नौजवान ही पत्थरों की दीवारों को हटाएंगे। हम निहंग जत्थेबंदियां इनके पीछे ढाल बनकर खड़े हैं।’ निहंग सिख नेता बाबा नारायण सिंह ने कहा, ‘लाल किले पर कोई पहली बार झंडा थोड़े ही फहराया है। हम तो पहले भी उस पर झंडे लगा चुके हैं।’

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी के दिन किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हिंसा हुई थी। लाल किला पर उपद्रवी किसानों ने जमकर हंगामा किया था, यहां तक कि लाल किला की प्राचीर पर तिरंगा के बगल में अन्य झंडा भी लगा दिया था।

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