केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: सोनिया, राहुल और प्रियंका की एसपीजी सुरक्षा वापस ली जाएगी

 

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स) सुरक्षा हटाने का फैसला लिया है। इन तीनों की एसपीजी सुरक्षा को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद पूरे गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा कवर देने का फैसला किया गया था।

गृह मंत्रालय की सुरक्षा समीक्षा कमेटी की बैठक में लिए गए निर्णय के मुताबिक अब गांधी परिवार को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इसके तहत या तो सीआरपीएफ या फिर एनएसजी के कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात होंगे।

एसपीजी सुरक्षा की समीक्षा हर साल की जाती है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को संभावित खतरे को देखते हुए यह तय किया जाता है कि उन्हें एसपीजी सुरक्षा की जरूरत है या नहीं। सूत्रों के अनुसार उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया कि फिलहाल गांधी परिवार को कोई खतरा नहीं है और ऐसे में जेड प्लस की सुरक्षा पर्याप्त होगी। इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सुरक्षा से भी एसपीजी कवर हटाकर सीआरपीएफ की जेडप्लस श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।

अमित शाह की सुरक्षा बढ़ेगी 

सुरक्षा समीक्षा समिति की बैठक में हालांकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सुरक्षा बढ़ाने पर फैसला लिया गया है। खुफिया एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि कश्मीर से 370 हटाने के बाद से उनकी जान को खतरा बढ़ा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अमित शाह की जान को खतरे की खुफिया जानकारी मिली है। अमित शाह को अभी जेड स्पेशल सुरक्षा मिली हुई है, जो जेड प्लस से थोड़ी बेहतर है। इसके अलावा जब भी अमित शाह एक जगह से दूसरी जगह जाएंगे, तो उस जगह पर ट्रैफिक को रोका जाएगा।

एसपीजी सुरक्षा अब सिर्फ प्रधानमंत्री के पास : 

गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाने के फैसले के बाद अब सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास ही एसपीजी सुरक्षा रहेगी। वर्तमान में भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गांधी परिवार को ही एसपीजी की सुरक्षा प्राप्त थी।

कांग्रेस ने किया विरोध 

कांग्रेस ने केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि यह निर्णय राजनीतिक बदले की भावना से लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि भाजपा निजी तौर पर बदला लेने की राजनीति पर उतर आई है। इसके लिए वह दो पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा से समझौता कर रही है।

पिछले कई दौरों का हवाला 

सूत्रों के अनुसार बैठक में एसपीजी अधिकारियों की कई रिपोर्ट को पेश किया गया। इन रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि गांधी परिवार से कई बार कहने के बावजूद वे विदेश दौरों पर अपने साथ एसपीजी सुरक्षा नहीं ले गए। इसका मतलब कि उन्हें एसपीजी सुरक्षा की जरूरत नहीं है। सूत्रों का कहना है कि गांधी परिवार के सदस्यों ने कई मौकों पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया। एक अधिकारी ने बताया कि सोनिया गांधी ने 50 बार तो राहुल ने 1892 बार सुरक्षा नियमों को तोड़ा। यही नहीं प्रियंका गांधी ने भी 400 से ज्यादा बार सुरक्षा नियम तोड़ा। वे कई बार बुलेटप्रूफ गाड़ी के बिना बाहर निकले।

एसपीजी सुरक्षा और जेड प्लस सुरक्षा में क्या है अंतर

यह सुरक्षा का सबसे ऊंचा स्तर है। इस सुरक्षा में तैनात कमांडों के पास आधुनिक हथियार व उपकरण होते हैं। एसपीजी के बाद जेड प्लस भारत की सर्वोच्च सुरक्षा श्रेणी है। व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान लगे होते हैं। इसमें 10 से ज्यादा एनएसजी कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और राज्य के पुलिसकर्मी शामिल होते हैं।

 
 

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