केंद्र की वैक्सीन स्टॉक डेटा नीति पर सिसोदिया ने जताई हैरानी, कही ये बात

केंद्र की वैक्सीन स्टॉक डेटा नीति पर सिसोदिया ने जताई हैरानी, कही ये बात
  • देश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अब वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी पूरी तरह से अपने हाथों में ले ली है. देश में वैक्सीन स्टॉक पर डेटा बिना स्वास्थ्य मंत्रालय की सहमति के साझा नहीं किया जाना चाहिए.

नई दिल्ली: देश में कोरोना महामारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अब वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी पूरी तरह से अपने हाथों में ले ली है. लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक देश में वैक्सीन स्टॉक पर डेटा बिना स्वास्थ्य मंत्रालय की सहमति के साझा नहीं किया जाना चाहिए. केंद्र सरकार के इस आदेश के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने हैरानी जताई है. सिसोदिया ने कहा कि देश के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि केंद्र से कितने टीके मिले हैं. उन्होंने मोदी सरकार से कहा कि डेटा छिपाने के बजाय पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार के इस आदेश पर हैरानी जताते हुए कहा कि मैं केंद्र सरकार के उस आदेश से चकित हूं जो राज्यों को वैक्सीन स्टॉक के बारे में जानकारी साझा करने से रोकता है!  सिसोदिया ने आगे कहा कि उन्हें केंद्र सरकार को वैक्सीन की उपलब्धता की सही स्थिति को जनता से छिपाने के बजाय सभी को टीके की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने पर ध्यान देने की जरूरत है.

आपको बता दें कि इसके पहले केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को निर्देश जारी किया है. इस निर्देश के मुताबिक केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क सिस्टम के डेटा यानी कि वैक्सीन स्टॉक और वैक्सीन स्टोरेज के तापमान को सार्वजनिक मंचों पर साझा न करने की सलाह दी है. केंद्र ने कहा कि राज्य वैक्सीन से जुड़े डेटा और स्टोरेज के तापमान की जानकारी सार्वजनिक न करें. ये डाटा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की अनुमति के बाद ही जारी किया जा सकता है.

केंद्र सरकार को दिखानी होगी पारदर्शिता
आपको बता दें कि भारत सरकार द्वारा चलाए गए COVID-19 टीकाकरण कार्यक्रम में केंद्र सरकार पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है और यही कारण है कि यह Co-WIN के माध्यम से लाभार्थियों तक वैक्सीन लॉजिस्टिक्स की रीयल-टाइम आईटी-आधारित ट्रैकिंग के साथ आई है. इसका उद्देश्य नियमित आधार पर जानकारी को आम जनता के साथ साझा करना है. इस मामले में केंद्र सरकार को पूरी तरह से पारदर्शिता बरतनी चाहिए.


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