शामली: बच्चों के विवाद में दो पक्षों में चली गोली, ब्राह्मणों ने घरों पर चिपकाए पलायन के पोस्टर

शामली: बच्चों के विवाद में दो पक्षों में चली गोली, ब्राह्मणों ने घरों पर चिपकाए पलायन के पोस्टर

शामली: बीते दिनों जिले के हसनपुर गांव में पब्जी गेम को लेकर बच्चों में हुआ विवाद खूनी रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि दो पक्षों में गोलियां चल गईं जिसमें एक पक्ष के 4 लोग घायल हो गए। जिन्हें शामली के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। वहीं अब 4 दिन बाद इस मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस ने पीड़ित पक्ष पर भी मुकदमा पंजीकृत कर दिया है, जिससे गांव हसनपुर में ब्राह्मण परिवार के लोगों ने अपने घरों के बाहर पलायन के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इतना ही नहीं पीड़ितों ने मंत्री व विधायक के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की है। वहीं गांव से एक परिवार पलायन करता नजर भी आया है, जो ट्रैक्टर ट्राली में अपना सामान भरकर मासूम बच्चों के साथ पलायन कर रहा है। इसके अलावा गाँव में लगभग दो दर्जन ब्राह्मण परिवारों ने अपने घर के बाहर पलायन के पोस्टर चस्पा किए हैं।

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर में 23 अगस्त को बच्चों में पब्जी गेम खेलने को लेकर कहासुनी हो गई थी। यह कहासुनी ब्राह्मणों ओर जाटों के बीच हुई थी, जिसकी सूचना पुलिस को भी दी गयी थी, लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई भी संज्ञान नही लिया था। पुलिस की लापरवाही के चलते 24 अगस्त को दोनों पक्षों में दोबारा झगड़ा हो गया था। यह झगड़ा इस हद तक पहुँच गया था कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लोगों पर घर में घुसकर गोलियां बरसाई थी, जिसमें दो युवतियों व एक युवक को छर्रे लगे थे। एक व्यक्ति के कंधे में गोली लगी थी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराते हुए दोनों पक्षों से 4 लोगों को हिरासत में ले लिया था। गोली चलाने के आरोपी एक व्यक्ति को पुलिस ने जेल भी भेज दिया था। बताया जा रहा है कि पुलिस ने 4 दिन बाद दोबारा इस मामले को नया मोड़ देते हुए पीड़ितों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस की इस तानाशाही से पीड़ित पक्ष पलायन करने को मजबूर हो गए है।

पीड़ितों ने कैबिनेट मंत्री मुर्दाबाद की तख्ती लेकर की नारेबाजी
गांव हसनपुर के पीड़ित ब्राह्मणों ने हाथों में पलायन और विधायक व कैबिनेट मंत्री मुर्दाबाद की तख्ती लेकर जमकर नारेबाजी की। पीड़ित पक्ष ने पुलिस की इस तानाशाही के पीछे बीजेपी कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा और सदर विधायक तेजेन्द्र निर्वाल पर आरोप लगाया है। पीड़ितों ने पोस्टर के माध्यम से लिखा है कि योगी सरकार में ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहा है। पीड़ित पक्ष की महिलाओं और बुजुर्गों का कहना है कि हमारे घर के सदस्यों पर ही गोलियां चलाई गई हैं, जिसमें 2 लड़कियां एक युवक व एक व्यक्ति घायल हुआ है और अब पुलिस ने हम लोगों के ऊपर ही मुकदमा दर्ज कर दिया है। इस पूरी घटना क्रम के पीछे बीजेपी विधायक तेजेंद्र निर्वाल और कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा हंै। पीडितों ने बताया कि बीजेपी सरकार में ब्राह्मणों पर अत्याचार किया जा रहा है, जिसकी वजह से हम सब यहां से पलायन कर रहे हैं।

3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया: सीओ सिटी
अगस्त को कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनपुर में खेल के विवाद में हुए झगड़े पर सीओ सिटी जितेंद्र कुमार का कहना है कि हसनपुर में दो पक्षों के बीच खेल के विवाद में जो झगड़ा हुआ था उसमें श्रीनिवास शर्मा की ओर से 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिनमें से 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गयी है। पीड़ित पक्ष के लोग पुलिस द्वारा उल्टे उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करने की बात कह रहे हैं, लेकिन पुलिस अफसर अभी भी इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस हमले के आरोप में फरार चल रहे तीन आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।

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