आत्मनिर्भर भारत अभियान: पीएम मोदी ने बताया, किन पांच पीलरों पर बनेगी आत्मनिर्भर भारत की भव्य इमारत

 

 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पांच पीलरों पर खड़ा होगा आत्मनिर्भर भारत
  • अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, आबादी, लोकतंत्र और आपूर्ति श्रृंखला, ये पांच पीलर होंगे
  • पीएम ने कहा कि पिछली सदी से ही सुनते आ रहे हैं कि 21वीं सदी भारत की होगी

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट को एक अवसर बताते हुए भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देशवासियों से एकजुट होकर पूरा दमखम लगा देने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की घोषणा करते हुए इसकी रूपरेखा भी बताई और कहा कि नया आत्मनिर्भर भारत के पांच मजबूत स्तंभ होंगे जो अर्थव्यवस्था से लेकर बुनियादी ढांचों और जन-जन की भागीदारी से लेकर स्वदेशी वस्तुओं पर गर्व करने की भावना के सहारे अडिग और अटल रहेंगे।

ये होंगे आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभ

पीएम ने कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत की ये भव्य इमारत पांच पीलर्स पर खड़ी होगी। पहला पिलर इकॉनमी है, एक ऐसी इकॉनॉमी जो इन्क्रीमेंटल चेंज (वृद्धिशील परिवर्तन) नहीं बल्कि क्वांटम जंप (बड़ी उछाल) लाए। दूसरा पिलर इन्फ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा), एक ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर जो आधुनिक भारत की पहचान बने।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की 130 करोड़ की आबादी भी नए भारत के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, ‘चौथा पिलर हमारी डिमॉग्रफी। दुनिया की सबसे बड़ी डिमॉक्रसी में हमारी वायब्रेंट डिमॉग्रफी हमारी ताकत है। आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी ताकत का स्रोत है।’

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सप्लाई चेन में मिट्टी की महक होगी, पसीनों की खुशबू होगी: मोदी
मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का पांचवां पिलर मांग यानी खपत को बताया। उन्होंने कहा, ‘पांचवां पिलर- डिमांड। हमारी अर्थव्यस्था में डिमांड और सप्लाई चेन की जो ताकत है, उसे पूरी पूरी क्षमता से इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है। देश में डिमांड बढ़ाने के लिए हमारी सप्लाई चेन के हर स्टेक होल्डर का सशक्त होना जरूरी है। हम सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे जिसमें हमारी मिट्टी की महक हो, हमारे मजदूरों के पसीने की खुशबू हो।’

‘पिछली सदी से ही सुन रहे हैं, 21वीं सदी भारत की होगी’
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम पिछली शताब्दी से ही लगातार सुनते आए हैं कि इक्कीसवीं सदी हिंदुस्तान की है। हमें कोरोना से पहले की दुनिया को वैश्विक व्यवस्थाओं को विस्तार से देखने-समझने का मौका मिला है। कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही है, उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जब हम दोनों काल खंडों को भारत के नजरिए से देखते हैं, तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो यह हमारा सपना ही नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी भी है। लेकिन इसका मार्ग क्या होगा। विश्व की सारी स्थिति हमें सिखाते है कि इसका मार्ग एक ही है – आत्मनिर्भर भारत। हमारे यहां शास्त्रों कहा गया है- एषः पंथा:, यही रास्ता है।’

कोरोना संकट में हर दिन बनने लगे 2 लाख PPE किट
पीएम ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हम आज एक अहम मोड़ पर खड़ें हैं। इतनी बड़ी आपदा भारत के लिए एक संकेत, एक संदेश, एक अवसर लेकर आई है। पीएम ने कहा, ‘जब कोरोना संकट शुरू हुआ तो भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनती थी। एन95 मास्क का भारत में नाम मात्र उत्पादन होता था। आज भारत में हर रोज 2 लाख पीपीई और 2 लाख एन95 मास्क बनाए जा रहे हैं।’ मोदी ने कहा कि ये हम इसलिए कर पाए क्योंकि भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया। भारत की यह दृष्टि आत्मनिर्भरता के हमारे संकल्प के लिए उतनी ही प्रभावी होने वाली है।

 
 

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