परशुराम जयंती पर छुट्टी पर सियासी संग्राम, सपा कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में योगी सरकार पर निशाना
राजधानी लखनऊ में एक बार फिर पोस्टर पॉलिटिक्स ने सियासी माहौल गरमा दिया है. समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर लगे एक पोस्टर ने परशुराम जयंती को लेकर नई बहस छेड़ दी है. इस पोस्टर के जरिए राज्य की राजनीति में ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर खींचतान तेज होती दिख रही है.
सपा कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधा सवाल किया गया है. पोस्टर में लिखा है कि “परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की शुरुआत सपा सरकार में हुई थी, लेकिन आपने इसे खत्म क्यों कर दिया?” इस लाइन ने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है.
यह पोस्टर मेजर आशीष चतुर्वेदी नाम के शख्स द्वारा लगाया गया है. पोस्टर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. सपा समर्थक इसे अपनी सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं, वहीं बीजेपी खेमे में भी इसे लेकर प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं.
छुट्टी की मांग ने पकड़ा जोर
परशुराम जयंती को लेकर सार्वजनिक अवकाश की मांग अब धीरे-धीरे जोर पकड़ती दिख रही है. खासकर ब्राह्मण समाज के बीच यह मुद्दा तेजी से उठाया जा रहा है. कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि भगवान परशुराम की जयंती पर छुट्टी होनी चाहिए, क्योंकि यह उनके लिए आस्था का बड़ा दिन है.
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह पूरा मामला ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज हमेशा से अहम भूमिका निभाता रहा है, और ऐसे मुद्दे चुनावी माहौल में और ज्यादा अहम हो जाते हैं.
फिलहाल यह मुद्दा पोस्टर से निकलकर सियासी बहस का रूप ले चुका है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं, और क्या परशुराम जयंती पर छुट्टी की मांग और तेज होती है.
