शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में नए कुलपति के स्वागत एवं पदग्रहण समारोह का आयोजन
गंगोह। दिनाँक 14-05-2026 में शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में नव नियुक्त कुलपति के स्वागत एवं पदग्रहण समारोह का भव्य आयोजन विश्वविद्यालय परिसर में किया गया। शोभित विश्वविद्यालय गंगोह को प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू के रूप में एक ऊर्जावान, अनुभवी, विचारशील एवं बहुआयामी व्यक्तित्व कुलपति के रूप में मिला, जिनकी शैक्षणिक दक्षता, प्रशासनिक क्षमता एवं दूरदर्शी सोच विश्वविद्यालय की प्रगति को नई दिशा प्रदान करेगी। पदग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी, कुलाधिपति शोभित विश्वविद्यालय, प्रो.(डॉ.) विनोद कुमार त्यागी, कुलपति शोभित सम-विश्वविद्यालय, मेरठ, प्रो०(डॉ०) रणजीत सिंह पूर्ववर्ती कुलपति शोभित विश्वविद्यालय गंगोह, सूफी ज़हीर अख्तर केयर टेकर शोभित विश्वविद्यालय गंगोह, प्रो.(डॉ.) पंकज राणा, कुलसचिव शोभित सम-विश्वविद्यालय, मेरठ, प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह कुलसचिव शोभित विश्वविद्यालय गंगोह उपस्थित रहे।
पदग्रहण समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं बाबू विजेंद्र कुमार जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तत्पश्चात शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेंद्र जी की औपचारिक घोषणा के पश्चात प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू को शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू कुलपति के रूप में महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमआरएसपीटीयू) में अपनी सेवाएं प्रदान कर चुके है। समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के पूर्ववर्ती कुलपति प्रो०(डॉ०) रणजीत सिंह ने नव-नियुक्त कुलपति को आधिकारिक रूप से पदभार एवं दायित्व हस्तांतरित किए, जिसके उपरांत प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू ने विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया।.

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेन्द्र जी ने प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू को कुलपति का पदभार ग्रहण करने पर बधाई दी और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू अपने व्यापक शैक्षणिक अनुभव, प्रशासनिक दक्षता एवं प्रगतिशील दृष्टिकोण के माध्यम से विश्वविद्यालय को शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाते हुए उत्कृष्टता के नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव अत्यंत समृद्ध एवं प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों में महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया है तथा उनका अकादमिक जीवन उल्लेखनीय उपलब्धियों से परिपूर्ण रहा है। शिक्षा के विविध क्षेत्रों में उन्हें स्वर्ण पदकों सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं। अपने उद्बोधन के अंत में कुलाधिपति महोदय ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू को पुनः शुभकामनाएँ देते हुए उनके सफल एवं प्रभावी कार्यकाल की कामना की।
शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के कुलपति नियुक्त किये जाने के अवसर पर प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू ने प्रसन्नता व्यक्त करतें हुए कहा कि यह दायित्व उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान गतिविधियों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के सहयोग से विश्वविद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। आगे उन्होंने कहा कि जीवन में नई जिम्मेदारियाँ व्यक्ति को एक नई अनुभूति एवं व्यापक दायित्वबोध प्रदान करती हैं। विशेष रूप से जब यह दायित्व किसी विश्वविद्यालय के नेतृत्व से जुड़ा हो, तब संस्थान के प्रति उत्तरदायित्व एवं जवाबदेही और अधिक बढ़ जाती है। उन्होने कहा कि कुलपति बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों एवं विभागों को मजबूत बनाना, उनके आपसी समन्वय को बढाना, शैक्षिक एवं शोध की प्रकिया को सुचारू बनाना एवं शोध कार्यों में सुधार लाने की रहेगी। उन्होने विश्वविद्यालय के चैयरमैन डॉ० शोभित कुमार जी एवं कुलाधिपति श्री कुँवर शेखर विजेन्द्र जी को धन्यवाद ज्ञापित किया कि उन्होनें कुलपति जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिए मुझ पर अपना विश्वास जताया। मैं सदैव ही उनके इस विश्वास पर खरा उतरूंगा।

इससे पूर्व प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू के जीवन पर संक्षिप्त नजर डाले, तो पता चलता है कि उनकी उपलब्धियाँ बहुत ही प्रेरणादायी एवं उल्लेखनीय रही है। एक साधारण मध्यमवर्गीय किसान परिवार से निकलकर शिक्षा जगत में उल्लेखनीय पहचान बनाने वाले प्रख्यात शिक्षाविद् एवं प्रशासक ने अपने समर्पण, मेहनत और दूरदर्शी नेतृत्व से महाराजा रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमआरएसपीटीयू) के कुलपति पद तक का गौरवपूर्ण सफर तय किया। प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू ने मैकेनिकल में स्नातक व मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद गुरु नानक देव इंजीनियरिग कॉलेज, लुधियाना से इंजीनियरिग तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रुड़की (आइआइटी रुड़की) से पीएचडी डिग्री हासिल की। उन्होंने यादविन्द्रा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग- तलवंडी साबो में कैंपस डायरेक्टर के रूप में काम किया है। उन्होंने 2010 से 2017 तक आईकेजी पीटीयू जालंधर में बतौर डीन एकेडेमिक भी जिम्मेदारी संभाली है। प्रो०(डॉ०) बी. एस. सिद्धू ने तकनीकी शिक्षा के विस्तार, अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देने की गतिविधियों के साथ वहां विभिन्न योजनाएं भी चलाई। प्रो. बी. एस. पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कपूरथला के संस्थापक निदेशक रहे हैं। उन्हें सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिग कॉलेज शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। उन्होंने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के आकर्षक प्रस्तावों को छोड़कर शिक्षण को अपना जुनून बनाया तथा 32 वर्षों से अधिक के शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रशासनिक अनुभव के दौरान 200 से अधिक शोध पत्र, दो पुस्तकें एवं एक पुस्तक अध्याय प्रकाशित किए। उन्हें “बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज टीचर, “आईएसटीई होनोरेरी फेलोशिप”एवं “लीडिंग इंजीनियरिंग ऑफ़ द वर्ल्ड”जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। वे पीआइटी कपूरथला एवं मानसा के संस्थापक निदेशक रहे तथा अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं, जिनमें जीईडीसी यूएसए एवं टीएसएस थर्मल स्प्रे एडवाइजरी काउंसिल यूएसए शामिल हैं, के नामित सदस्य भी रहे। शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उनका योगदान युवाओं और शिक्षाविदों के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
