‘मीटिंग में बस चाय अच्छी थी…’, लद्दाख को लेकर हुई बैठक पर सोनम वांगचुक का केंद्र पर तंज

‘मीटिंग में बस चाय अच्छी थी…’, लद्दाख को लेकर हुई बैठक पर सोनम वांगचुक का केंद्र पर तंज

लद्दाख के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के साथ हुई हालिया बैठक से पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक निराश नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट कर बैठक पर तंज कसा और 19 से 24 सितंबर के बीच लद्दाख में बड़ी पदयात्रा निकालने का ऐलान किया।

वांगचुक ने कहा कि वह लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र सरकार से सिर्फ एक स्पष्ट और जायज आश्वासन चाहते हैं, लेकिन बैठक में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि बैठक में फिलहाल “चाय अच्छी थी” और अगली बैठक अगले महीने होगी।

लद्दाख के लिए लोकतांत्रिक ढांचे की मांग

सोनम वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के लोगों की कई प्रमुख मांगें हैं। इनमें एक मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था और विधानसभा का गठन शामिल है, ताकि स्थानीय लोग अपने क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले खुद ले सकें।

उन्होंने कहा कि भूमि, पर्यावरण और स्थानीय संसाधनों से जुड़े मामलों में भी लद्दाख के लोगों को निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए। वांगचुक के मुताबिक, जब तक लद्दाख में लोकतांत्रिक ढांचा स्थापित नहीं होता, तब तक प्रशासन को ऐसे फैसले नहीं लेने चाहिए जिनसे क्षेत्र की प्रकृति और स्वरूप में बड़ा बदलाव हो।

19 से 24 सितंबर तक पदयात्रा

वांगचुक ने लोगों से अपनी मांगों के समर्थन में आगे आने की अपील की। उन्होंने बताया कि 19 से 24 सितंबर के बीच लद्दाख में बड़ी पदयात्रा आयोजित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अगर इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से कोई आश्वासन मिल जाता है तो पदयात्रा को लद्दाख के शहीदों की याद में समर्पित किया जाएगा। वहीं, अगर केंद्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है तो बड़े प्रदर्शन का रास्ता अपनाया जाएगा।

केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों में हुई बैठक

दरअसल, बुधवार को केंद्र सरकार और लद्दाख के स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में केंद्र ने फिलहाल लद्दाख को राज्य का दर्जा या विधायिका वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग स्वीकार नहीं की।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के नेताओं से अनुच्छेद 371 के प्रस्तावित ड्राफ्ट से पहले राजनीतिक ढांचे से जुड़े करीब आठ से दस प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श कर निष्कर्ष तक पहुंचने को कहा है।

बैठक में केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच एक ऐसे विशेष मॉडल पर काम करने की सहमति बनी, जिसमें निर्वाचित निकाय को विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियां देने का प्रस्ताव है।

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