एक दिन की मासूम बच्ची को कचरे के ढेर में छोड़ दिया, मां-बाप के तलाश में पुलिस

 

हाइलाइट्स

  • नवजात को कूड़े की ढेर से निकालकर अस्पताल ले गई और इलाज कराया
  • डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची का जन्म एक या दो दिन पहले ही हुआ होगा
  • बच्ची को अब मातृछाया में रखवा दिया गया है और मां-बाप की तलाश हो रही है

पटपड़गंज
फूलमंडी के पीछे गाजीपुर गांव के सीएनजी पंप के करीब शनिवार सुबह करीब 8:40 बजे लोगों ने एक नवजात बच्ची की रोने की आवाज सुनी। कूड़े के ढेर से आ रही बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास लोग इकट्ठा हो गए। इस दौरान एक शख्स ने पुलिस को कॉल कर मामले की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कैट्स एंबुलेंस के जरिए बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंची और उसे भर्ती करवाया गया। बच्ची के फिट होने पर उसे मातृछाया भिजवा दिया गया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 317 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बच्ची का हो रहा पालन-पोषण

डीसीपी (ईस्ट) जसमीत सिंह ने बताया कि गुरुवार सुबह कॉल मिलने के बाद बच्ची को लाल बहादुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि नवजात बच्ची एक या दो दिन की ही है। एक दिन अस्पताल में रखा गया और एक महिला कॉन्स्टेबल मीना को उसकी देखभाल के लिए लगाया गया था। जांच अधिकारी एसआई विनोद भाटी ने बच्ची को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (CWC) के सामने शुक्रवार को पेश किया। कमिटी से निर्देश मिलने के बाद बच्ची को मातृछाया में रखवा दिया गया है।

मां-पिता को ढूंढ रही पुलिस
पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया की पुलिस बच्ची के मां-बाप की तलाश में जुट चुकी है। बच्ची जिस जगह मिली थी, वहां आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था। इसलिए पुलिस अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इकट्ठा कर आरोपी माता पिता की तलाश कर रही है। इसके अलावा आसपास के अस्पतालों, डिस्पेंसरीज और नर्सिंग होम्स में रजिस्ट्रड गर्भवती महिलाओं का डेटा जुटाया जा रहा है।

 
 

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