फ्लोर टेस्ट पर कमलनाथ ने की टाल-मटोल, शिवराज बोले- करेंगे विश्वास प्रस्ताव की मांग

 
  • राज्यपाल ने आदेश दिया था कि आज यानी सोमवार को फ्लोर टेस्ट हो
  • मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात राज्यपाल से बात की और बाद में का कि वह फ्लोर टेस्ट के बारे में स्पीकर से बात करेंगे
  • शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगर फ्लोर टेस्ट नहीं होता है तो वह राज्यपाल से विश्वास प्रस्ताव लाने की मांग करेंगे

नई दिल्ली
मध्य प्रदेश में राजनीतिक हालात अस्थिर बने हुए हैं। आज फ्लोर टेस्ट हो पाएगा या नहीं इस बात पर भी संशय बरकरार है। देर रात मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वह फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं लेकिन बंधक बनाए गए विधायकों को छोड़ा जाए। इससे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट को उल्लेख नहीं किया गया। बीजेपी पूरा जो लगा रही है कि आज सदन में फ्लोर टेस्ट हो।

शिवराज ने कहा, करेंगे विश्वास प्रस्ताव की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कह दिया है कि अगर कल विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं होता है तो वह राज्यपाल से कॉन्फिडेंस मोशन लाने की मांग करेंगे। चौहान ने कहा, ‘मध्य प्रदेश की वर्तमान सरकार बहुमत खो चुकी है। यह भाग क्यों रही है। हम कल राज्यपाल से विश्वास प्रस्ताव के लिए बात करेंगे। मुख्यंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि फ्लोर टेस्ट हो तो फिर वह करवा क्यों नहीं रहे हैं। हमारी केवल यही मांग है कि फ्लोर टेस्ट हो।’

राज्यपाल से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा, ‘राज्यपाल ने मुझे फोन करके बुलाया था और सदन की कार्यवाही को लेकर चर्चा हुई। मैंने कहा है कि फ्लोर टेस्ट के बारे में मैं कल स्पीकर से बात करूंगा। मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं लेकिन विधायकों को मुक्त किया जाए। मैं इस बारे में कल स्पीकर से बात करूंगा।’ राज्यपाल ने सरकार और स्पीकर को पत्र लिखकर बजट सत्र से पहले फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश दिया था।

सरकार करती है फ्लोर टेस्ट का फैसलाः शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि फ्लोर टेस्ट के लिए स्पीकर से बात करेंगे। वह करवाना नहीं चाहते हैं। वरान स्पीकर वही करता है जो सरकार फैसला करती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पार्टी छोड़ने और 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद कमलनाथ सरकार संकट में हैं। सारे घटनाक्रम से ऐसा लगता है कि कमलनाथ कल का फ्लोर टेस्ट टालना चाहते हैं। मध्‍य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने रविवार शाम 7 बजे अपने आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई थी।

बीजेपी बना रही है रणनीति
बीजेपी चाहती है कि फ्लोर टेस्ट हो इसलिए पूरा जोर दे रही है। बीजेपी ने गुरुग्राम में अपने 106 विधायकों को ठहराया था। सभी विधायक अब भोपाल पहुंच गये हैं। इनसे शिवराज सिंह चौहान ने दोपहर में मुलाकात की। उधर कांग्रेस के 22 बागी विधायक बेंगलुरु में ठहरे हुए है। इनमें से 6 का इस्तीफा राज्यपाल स्वीकार कर चुके हैं। बाकी के विधायकों ने भी अपील की है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए।

फ्लोर टेस्ट टलवाने के प्रयास में कमलनाथ
कमलनाथ सरकार ने राज्यपाल को भेजे पत्र में कहा है कि विधानसभा में बटन दबाकर वोटिंग करने की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में अभी फ्लोर टेस्ट करवाना मुमकिन नहीं है। सरकार के इस दांव का राज्यपाल लालजी टंडन ने तोड़ निकाला है। इससे पहले राज्यपाल ने ही पहले अपने पत्र में कहा था कि सदन में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग बटन दबाकर ही हो, अन्य किसी तरीके से वोटिंग न करवाई जाए। इस पर मध्यप्रदेश सचिवालय ने राज्यपाल को लिखे पत्र में कहा कि राज्य विधानसभा में बटन दबाकर वोटिंग करने की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग फिलहाल संभव नहीं है।

 
 

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