फिर आए कोरोना के ढाई लाख से ज्यादा नए केस, 1700 से अधिक की मौत

फिर आए कोरोना के ढाई लाख से ज्यादा नए केस, 1700 से अधिक की मौत
Corona Virus Active Case
  • Corona Update: देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2 लाख 56 हजार से अधिक मामले सामने आए वहीं 1750 से अधिक लोगों को मौत हो गई. देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा भी बढ़कर डेढ़ करोड़ के पार चला गया है.

नई दिल्ली: देश में कोरोना की रफ्तार बेलगाम हो गई है. देश में कोरोना के मामले हर दिन एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं. सोमवार को कोरोना के मामलों में कुछ कमी तो देखने को मिली लेकिन ढाई लाख से अधिक मामले आने से चिंता अभी भी बनी हुई है. देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2 लाख 56 हजार से अधिक मामले सामने आए वहीं 1750 से अधिक लोगों को मौत हो गई. देश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा भी बढ़कर डेढ़ करोड़ के पार चला गया है. कोरोना संक्रमितों के आंकड़े में भारत सिर्फ अमेरिका से ही पीछे है. भारत के लिए चिंताजनक बात यह है कि देश में कोरोना के एक्टिव केस 20 लाख के पार हो गए हैं. इनमें आधे केस पिछले 10 दिनों में ही बढ़े हैं.

दूसरी लहर ज्यादा घातक
देश में कोरोना की दूसरी लहर लगातार कहर बरपा रही है. इसका अंदाजा भारत में एक्टिव केस की संख्या से लगाया जा सकता है. जहां पहली लहर में कोरोना के एक्टिव केस 10 लाख के पार पहुंचे थे वहीं दूसरी लहर में यह 20 लाख पर कर चुके हैं. 10 अप्रैल को भारत में कोरोना के 10 लाख मरीज थे जो सोमवार रात तक 20 लाख 30 हजार 725 तक पहुंच गए. अमेरिका के बाद भारत ही ऐसा देश है जहां ऐक्टिव केस 20 लाख के पार पहुंचे हैं. वहीं, ब्राजील में कोरोना के ऐक्टिव केस दो हफ्ते पहले ही 13 लाख तक पहुंचे थे लेकिन अब वहां कोरोना के मामले कम होने शुरू हो गए हैं.

मजदूरों का पलायन जारी
दिल्ली में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बाद सोमवार सुबह 5 बजे तक के लिए लॉकडाउन लगाया गया है. इसके बाद से मजदूरों का पलायन जारी है. देर रात तक दिल्ली से सभी रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ देखी गई. देर रात निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, आनंद विहार, कौशांबी बस अड्डे से यूपी और बिहार के दूर-दराज शहरों के प्रवासी लोग पलायन करने लगे हैं. यहां एक बार फिर से 2020 जैसी भीड़ उमड़ पड़ी है जब मार्च में लॉकडाउन के ऐलान के बाद एक बार में आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर हजारों लोग की भीड़ लग गई थी. देर रात तक यहां भारी भीड़ दिखी. सोशल डिस्डेंसिंग का लोगों ने पालन नहीं किया. भीड़ इतनी थी कि कहीं भी पैर रखने की जगह नहीं बची थी.


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