सर सय्यद दिवस पर जहान-ए-अदब एकेडमी की तत्वावधान में महफिल ए मुशायरा का आयोजन

सर सय्यद दिवस पर जहान-ए-अदब एकेडमी की तत्वावधान में महफिल ए मुशायरा का आयोजन
  • मुशायरे में अपना कलाम पेश करते शायर तनवीर अजमल

देवबंद [24CN] : रविवार को मोहल्ला बेरून कोटला स्थित उर्दू घर में सर सय्यद डे दिवस के अवसर पर जहान-ए-अदब एकेडमी की तत्वावधान में एक शानदार महफिल ए मुशायरा का आयोजन किया किया। मुशायरे की अध्यक्षता अध्यक्षता अंजुम देवबंदी ने तथा संचालन एकेडमी के चेयरमैन शायर तनवीर अजमल देवबंदी द्वारा किया गया।

मुशायरे में अपना कलाम पेश करते हुऐ युवा शायर तनवीर अजमल ने सुनाया कि फिक्र के अंधेरे फिर दूर होने लगते है, होसलो का जब सूरज मुस्कराने लगता है। अंजुम देवबंदी ने कुछ इस तरह अपना कलाम पेश किया कि हमसे कायम वफा के रिश्ते है, फिर भी हमसे जफा करे कोई।  मास्टर शमीम किरतपुरी ने सुनाया कि रात गुजरी किसी के पहलू में, दिन गुजारा शराब खानो में।

अदनान अनवर ने शोहरत और मोहब्बत के बारे में सुनाते हुऐ कहा कि जमाने भर की शौहरत हो गई है, हमे उनसे मोहब्बत हो गई है। दिलशाद खुशतर ने सुनाया कि जिंदगी अब सजा ना हो जाए, दिल किसी पर फिदा ना हो जाए सुनाकर जमकर वाहवाही लूटी।  इनके अलावा राजी उस्मानी, आजम साबरी, सुहेल अकमल, सलीम उस्मानी, नफीस खान, जाहिद दिलबर, सय्यद रहमान, नदीम अहमद, ने भी अपने खुबसूरत कलाम पेश किये।

मुख्य लोगो में मोहम्मद फैज, सीस खान, उस्मान कुरैशी, अफजल गौर, आरिफ खान, समीर शेख, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के अन्त में शायर तनवीर अजमल ने सभी आगन्तुको का आभार व्यक्त किया।


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