फ्रांस और स्पेन में बड़े पैमाने पर फिर विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने की हजारों गिरफ्तारियां
24CityNews, नई दिल्ली। फ्रांस में शनिवार को चार लाख से अधिक प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे, जिसमें पेरिस में 110,000 लोग शामिल थे। प्रदर्शन का आरंभ ओर्लियांस से हुआ, जो सामान्यतः शांतिपूर्ण था, लेकिन शाम होते-होते हिंसक हो गया।
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कई शहरों में उपद्रवियों और पुलिस के बीच टकराव की घटनाएं हुईं, जिसमें पेरिस में 500 से अधिक हुडी पहने उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान 135 लोगों को गिरफ्तार किया गया और सुरक्षा के लिए 70,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। पेरिस के कई प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों को बंद कर दिया गया था और मेट्रो के 20 से अधिक स्टेशन भी बंद रहे।
विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जीवन-यापन की बढ़ती लागत है। प्रदर्शनकारियों में छात्र, ट्रेड यूनियन और नागरिक संगठन शामिल थे। येलो वेस्ट समूह ने 31 अक्टूबर को और प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
स्पेन में, मैड्रिड में 25,000 प्रदर्शनकारी सरकारी पेंशन योजना के समर्थन में सड़कों पर उतरे। स्पेन में गिरती जन्म दर और ठप वेतन वृद्धि के कारण पेंशन का बोझ बढ़ रहा है।
पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भी किराए पर नियंत्रण और सस्ते मकानों की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। यूरोप में सुरक्षा एजेंसियां संभावित चरमपंथी हमलों को लेकर सतर्क हैं।
