क्रिप्टोकरेंसी में निवेश रातोंरात करोड़पति बनने का जरिया या पूंजी भी गंवा देने का खेल, क्या है यह

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश रातोंरात करोड़पति बनने का जरिया या पूंजी भी गंवा देने का खेल, क्या है यह

क्रिप्टोकरेंसी एक तरह का डिजिटल एसेट होता है। कई देशों में शॉपिंग, क्रिप्टोकरेंसी सर्विसेज के लिए इस्तेमाल होता है। क्रिप्टोकरेंसी (CryptoCurrancy) को नोट या सिक्कों के रूप में प्रिंट नहीं किया जा सकता। क्रिप्टोकरेंसी (CryptoCurrancy) के लिए कोई बैंक या ATM नहीं होता है। क्रिप्टोकरेंसी का यूज सिर्फ ऑनलाइन खरीदारी में हो सकता है।

कुछ महीने पहले तक पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में रहने वाले आकाश आनंद टेस्ला के मालिक एलन मस्क (Elon musk) को एक विजनरी मानते थे।आकाश को लगता था कि एलन मस्क टेक आधारित माध्यम और वित्तीय रूप से सुरक्षित भविष्य के रूप में दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं। अब उन्हें ऐसा नहीं लगता। पिछले दिनों एलन मस्क ने पर्यावरण संबंधी चिंताओं की वजह से टेस्ला कार खरीदने के लिए बिटकॉइन (BitCoin) लेने से मना कर दिया था। उसके बाद से बिटकॉइन में भारी गिरावट देखी गई है। मई के मध्य में दुनिया भर की तमाम क्रिप्टो करेंसी में जोरदार कमजोरी आई थी।

बिटकॉइन के लिए काला मई
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वाले इन्वेस्टर के लिए मई का महीना किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। 13 मई से 20 मई के बीच निवेशकों के क्रिप्टो होल्डिंग की वैल्यू में 60 फ़ीसदी की कमी आई है। बहुत से निवेशकों का ₹55000 के निवेश सिर्फ ₹20000 रह गया। अचानक मची अफरा-तफरी की वजह से बहुत से निवेशकों ने अपना बिटकॉइन (Bitcoin) बेच दिया। निवेशकों का मानना है कि टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने गैर जिम्मेदारी वाला व्यवहार किया है और उन्होंने लाखों निवेशकों की भावनाओं से खेला है। Elon Musk के इस तरह के बयान की वजह से निवेशकों की संपत्ति डूब चुकी है।

क्रिप्टोकरेंसी का मार्केट कैप
क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट कैप $1,635 अरब के पार चला गया है। बिटकॉइन (Bitcoin) का मार्केट कैप 674 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह देश की सबसे अमीर कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के मार्केट कैप (Market Cap) से 3 गुना है। मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum की कीमत 1.3 फीसदी की तेजी के साथ 2,103 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी। इसका मार्केट कैप (Market Cap) 244 अरब डॉलर था।

भारत में स्टॉक-क्रिप्टो के आंकड़े
गर बात भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग की करें तो इसका डेली टर्नओवर ₹1500 करोड़ के करीब है। भारत में स्टॉक एक्सचेंज का डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम दो लाख करोड़ रुपये के करीब है जिसका 1 फ़ीसदी से भी कम क्रिप्टो ट्रेडिंग (Crypto Trading) हो रहा है। भारत में क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करने वाले एक्टिव इन्वेस्टर की संख्या 10-12 मिलियन है। भारत में स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करने वाले एक्टिव इन्वेस्टर की संख्या 6 करोड़ के करीब है।

क्रिप्टो ट्रेडिंग में समय फिक्स नहीं
क्रिप्टोकरेंसी के मार्केट में हर समय ट्रेडिंग होती है। यह मार्केट शनिवार और छुट्टी वाले दिन भी खुला रहता है। आमतौर पर शेयर और बॉन्ड मार्केट भारत में रोज सुबह 9:00 बजे से शाम 3:30 बजे तक खुलते हैं और वीकेंड के अलावा छुट्टियों के दिन भी बंद होते हैं। एलन मस्क के bitcoin पर ट्वीट के बाद क्रिप्टो करेंसी के भाव में 50 फ़ीसदी तक की कमजोरी आई है। Tesla के एलन मस्क ने कहा था कि टेस्ला बिटकॉइन (bitcoin) में पेमेंट एक्सेप्ट नहीं करेगी। इसके साथ ही Musk ने कहा था कि क्रिप्टो माइनिंग की वजह से पर्यावरण को होने वाले नुकसान की भरपाई करना संभव नहीं है

पैनिक सेलिंग से बढ़ी मुसीबत
क्रिप्टो करेंसी (crypto) पर Tesla के यू-टर्न लेने के साथ ही चीन की सरकार ने भी क्रिप्टो करेंसी (crypto) में डील करने वाले संस्थानों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी थी। इन दोनों वजहों से क्रिप्टो करेंसी (crypto) में पेनिक सेलिंग शुरू हो गई। इस मौके पर बहुत से निवेशकों ने crypto से मुनाफावसूली भी शुरू कर दी, जिससे क्रिप्टो मार्केट की स्थिति और बिगड़ गई। इस वजह से क्रिप्टो (crypto) के निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।

शानदार रिटर्न से चमकी आंख
पिछले 1 साल में क्रिप्टो (cryptocurrency) की कीमत में काफी तेजी आई है। इस वजह से निवेशकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई है। जिन निवेशकों ने 1 साल पहले क्रिप्टो करेंसी (cryptocurrency) में निवेश किया था, उनका पैसा 10 गुना तक हो गया है। मई में बिटकॉइन (BitCoin) में आई कमजोरी के बाद भी 1 साल पहले की तुलना में इस से मिलने वाला रिटर्न करीब 400 फ़ीसदी रहा है। डॉगकॉइन (Dogecoin) जून 2020 के लेवल से 140 गुना पर कारोबार कर रहा है। मेटिक नेटवर्क में 7000 फ़ीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है।

निवेश में हैं कई खतरे
आप भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो इसमें कई खतरे हैं। क्रिप्टो करेंसी के भाव में काफी तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। भारत में नियामक ने क्रिप्टो को मंजूरी नहीं दी है। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी से संबंधित खतरे और क्रिप्टो करेंसी का उपयोग करने को लेकर बनी अनिश्चितता की वजह से यह निवेशकों के बीच स्वीकार्यता नहीं पा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रिप्टो पर प्रतिबंध लगाया हुआ है और उसने बैंकों और फिनटेक कंपनियों को कह दिया है कि वर्चुअल करेंसी में डील करने वाली संस्थाओं को सेवा देना बंद कर दें।

 


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