कोरोना के इलाज में कारगर हो सकती है ये दवा, ICMR की नेशनल टास्‍क फोर्स ने दिया सुझाव

 
हाइलाइट्स
  • भारत में अब तक COVID-19 के 415 कन्‍फर्म मामले सामने आए हैं।
  • नेशनल टास्‍क फोर्स के मुताबिक, कोरोना पर काबू पाने में ‘हाइड्रॉक्‍सीक्लोरोक्वीन’ दवा मददगार
  • डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी किया था इसी दवा का जिक्र, मलेरिया के इलाज में होता है इस्‍तेमाल।
  • भारत में अब तक 23 मरीज हुए, अस्पताल से डिस्चार्ज

नई दिल्‍ली
भारत में COVID-19 के हाई-रिस्‍क वाले मामलों में इलाज के लिए Hydroxychloroquine इस्‍तेमाल की जा सकती है। यह सुझाव इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से COVID-19 के लिए बनाई गई नेशनल टास्‍क फोर्स ने दिया है। यह दवा मुख्‍य रूप से मलेरिया के इलाज में इस्‍तेमाल होती है। एडवायजरी के मुताबिक, ये दवा उन हेल्थकेयर वर्कर्स को दी जा सकती है जो संदिग्‍ध या कन्‍फर्म COVID-19 मामलों की सेवा में लगे हैं। इसके अलावा लैब में कन्‍फर्म मामलों के घरवालों को भी यह दवा देने की सलाह दी गई है। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने भी इसी दवा का नाम सुझाया था।

रिसर्च में चला पता, असरदार है ये दवा
यह दवा मलेरिया के इलाज में काम आती है। कोरोना वायरस का एंटीडोट अब तक नहीं खोजा जा रहा है। इसी बीच, कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि Hydroxychloroquine कोरोना वायरस के इलाज में मददगार हो सकती है। विभिन्न रिसर्च, रिपोर्ट्स में क्लोरोक्वीन फॉस्फेट व हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन सल्फेट को कोरोना के इलाज में मददगार पाया गया है। अमेरिका में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) यह दवा इम्‍पोर्ट कर रहा है। चीन के हेल्‍थ डिपार्टमेंट ने भी फरवरी में कहा था कि क्लोरोक्वीन फॉस्फेट के इस्‍तेमाल से अच्‍छे नतीजे मिले है

हालांकि, आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल ने साथ में यह भी कहा है कि हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन केवल घर में रह रहे कोविड-19 से प्रभावित मरीजों की देखभाल करने वाले हेल्थकेयर कर्मचारियों के लिए है।

लॉकडाउन से खत्म हो जाएगा कोरोना? एक्सपर्ट ने बताई पूरी बात

लॉकडाउन से खत्म हो जाएगा कोरोना? एक्सपर्ट ने बताई पूरी बातकोरोना वायरस के खिलाफ भारत सहित दुनियाभर में शहरों को लॉकडाउन यानी पूरी तरह बंद किया जा रहा है। लेकिन क्या सिर्फ ऐसा कर के कोरोना के खिलाफ जंग जीती जा सकती है। WHO के एक्सपर्ट ने बताया कि आगे क्या करना होगा। देखिए-

भारत में अब तक कोरोना के 415 मामले
ICMR के मुताबिक, सोमवार तक देश में कोरोनावायरस के पुष्ट मामलों की संख्या 415 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर भी पुष्ट मामलों की संख्या यही है। ICMR की रिपोर्ट के अनुसार, 23 मार्च, 2020 को सुबह 10 बजे तक 17,493 लोगों के 18,383 नमूनों का कोविद-19 परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 23 मरीज ठीक हो चुके हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं एक मरीज ने स्थान बदल लिया है और देश में अब तक कोरोना वायरस से 7 मौतें दर्ज की गई हैं।

कहां, कितने मामले?
केरल और महाराष्ट्र, दोनों में 67 मामलों की पुष्टि हुई है। महाराष्ट्र में 67 में से 3 विदेशी हैं, वहीं कर्नाटक में 7 विदेशियों में कोविद-19 पॉजिटिव पाया गया है। देश की राजधानी में 29 में से 1 विदेशी कोरोना संक्रमित पाया गया। हरियाणा में 21 में से 14 विदेशियों का और उत्तर प्रदेश में कुल 28 मामलों में से एक विदेशी का परीक्षण पॉजिटिव पाया गया है। इसी बीच, राजस्थान में 27 पुष्ट मामलों में से दो कोरोनावायरस संक्रमित विदेशी हैं, इसी तरह तेलंगाना में ये संख्या कुल 26 में से 11 है।

अब पश्चिम बंगाल में 7 मामले, उत्तराखंड में 3, लद्दाख में 13, जम्मू-कश्मीर में 4, चंडीगढ़ में 5, तमिलनाडु में 2 विदेशियों समेत 7, पंजाब में 21, पुडुचेरी में 1, ओडिशा में 2, मध्यप्रदेश में 6, हिमाचल में 2, गुजरात में 18, छत्तीसगढ़ में 1, बिहार में 2 और आंध्रप्रदेश में कोरोनो संक्रमण के 5 मामले पाए गए हैं। इस घातक वायरस से जिन सात लोगों की मौत हुई है, उनमें महाराष्ट्र के दो और पंजाब, बिहार, कर्नाटक, गुजरात और दिल्ली के एक-एक थे। (एजंसी इनपुट्स सहित)

 
 

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