राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, कहा-…जरूरत नहीं

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, कहा-…जरूरत नहीं

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के मैनेजमेंट में अनियमितताओं की जांच के लिए याचिका पर आउट ऑफ टर्न सुनवाई से इंकार कर कर दिया. अदालत ने कहा कि इस मामले में जल्द सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है.

याचिकाकर्ता मोहित अशोक की याचिका पर सुनवाई करते हुए अवकाश पीठ में जस्टिस पंकज भाटिया और जस्टिस अमिताभ कुमार राय ने मांग ख़ारिज करते हुए कहा कि कोर्ट में पहले से ही बड़ी संख्या में केस लगे हैं. इसके साथ ही बेंच ने मौखिक टिप्पणी की कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मुद्दे पर पहले ही संज्ञान ले चुकी है, लिहाजा इस समय तुरंत सुनवाई की जरूरत नहीं है.

क्या है याचिका ?

याचिकाकर्ता मोहित अशोक ने अयोध्या के राम मंदिर में दान में गबन और अनिमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की थी. इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की भी कांग की. याचिका में मंदिर ट्रस्ट द्वारा दान राशि के मैनेजमेंट में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए कोर्ट से हस्तक्षेप करने की अपील की.

कोर्ट ने खारिज की याचिका

अवकाश बेंच में 529 फ्रेश केसों में यह सीरियल नंबर 392 पर लिस्टेड थी. कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि इस मामले में आउट ऑफ टर्न सुनवाई का कोई मामला नहीं बन  रहा. सरकार पहले ही संज्ञान ले चुकी है.

13 जून को SIT गठित

यहां बता दें कि राम मंदिर में गबन का मामला गर्माने के साथ ही योगी सरकार ने जांच के लिए SIT का गठन कर दिया था. जिसके अध्यक्ष लखनऊ के डिविजनल कमिशनर विजय विश्वास पंत हैं इसके अलावा  पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचित नील रतन शामिल हैं. टीम ने  मंदिर प्रबंधन और कर्मचारियों के बयानों और परिसर में जाकर रिपोर्ट तैयार कर ली है. जिसे कभी भी सरकार को सौंपा जा सकता है.

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