हरियाणा विस चुनावः कांग्रेस के बाद इनेलो ने जारी किया घोषणा पत्र, पढ़ें घोषणाएं

 

हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 को लेकर कांग्रेस के बाद इनेलो ने भी अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसमें कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। घोषणा पत्र में इनेलो ने वादा किया कि ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर सरकार 11 करोड़ देगी। रजत पदक जीतने पर 8 और कांस्य पदक जीतने पर 5 करोड़ दिए जाएंगे। लड़कियों की हायर एजुकेशन तक शिक्षा फ्री रहेगी।

घोषणा पत्र में कहा गया कि इनेलो की सरकार बनने पर किसानों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। किसानों एवं छोटे व्यापारियों के 10 लाख रुपए तक कर्ज माफ होंगे। किसानों के ट्यूबवेल का बिजली बिल पूरा और घरेलू बिल 200 यूनिट तक माफ किया जाएगा।

गरीब परिवारों की लड़की की शादी में सरकार की ओर से 500000 कन्यादान किया जाएगा। बेरोजगार युवाओं को 15000 प्रतिमाह भत्ता दिया जाएगा। बुढ़ापा सम्मान पेंशन 5000 प्रतिमाह दी जाएगी। हर घर में एक नौकरी रोजगार दिया जाएगा। एसवाईएल नहर का निर्माण कराया जाएगा। दादूपुर नलवी नहर और मेवात फीडर कैनाल को चालू किया जाएगा।

33 से 60 वर्ष आयु तक गरीब महिलाओं को 1000 प्रति माह भत्ता दिया जाएगा। एडहॉक ठेके के कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। निजी कंपनियों में राज्य के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए 200 गज के प्लॉट पर दो कमरों का निर्माण किया जाएगा।

ट्रैक्टरों एवं कृषि यंत्रों, खाद, बीज एवं कीटनाशकों पर लगे जीएसटी को समाप्त किया जाएगा। चौधरी देवीलाल की नीतियों का अनुसरण करते हुए ट्रैक्टरों का निशुल्क पंजीकरण किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर किया जाएगा।

निजी कंपनियों के रोजगार में राज्य के युवाओं की भागीदारी 75% सुनिश्चित करने के लिए कानून का प्रावधान किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों तथा चौकीदारों को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये प्रतिमाह तथा सालाना को वर्दियां जूते दिए जाएंगे। परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यकता के अनुसार नई बसें खरीदी जाएंगी। कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।

किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसान कोष की स्थापना की जाएगी। बीपीएल का नए सिरे से सर्वे करवाया जाएगा, तुरंत पीले कार्ड दिए जाएंगे। जीएसटी कानून के अंतर्गत डेढ़ करोड़ रुपए तक का व्यवसायिक तौर पर कारोबार करने वाले पंजीकृत व्यापारी को रिटर्न तथा कर की राशि की मांग जमा कराने का प्रावधान किया जाएगा।

व्यापारियों की सुविधा के लिए जीएसटी कानून में संशोधन करके समय सीमा एक या दो साल निर्धारित की जाएगी। व्यापार को सुगम बनाने के लिए जीएसटी कानून के अंतर्गत ई वे बिल की प्रक्रिया को समाप्त किया जाएगा। नगर पालिका और नगर निगमों में लागू प्रॉपर्टी टैक्स को समाप्त करके हाउस टैक्स लागू किया जाएगा। खाली पड़े प्लाटों पर टैक्स खत्म किया जाएगा।

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