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अजमल के हिंदू लड़कियों की कम उम्र में शादी वाले बयान पर भड़के ओवैसी, बोले- वे खुद तय करें

अजमल के हिंदू लड़कियों की कम उम्र में शादी वाले बयान पर भड़के ओवैसी, बोले- वे खुद तय करें

गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने कैंडिडेट के लिए प्रचार करने पहुंचे ओवैसी ने कहा कि यह हर किसी के व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है कि उन्हें कब शादी करनी है.

New Delhi : असम के एमपी बदरुद्दीन अजमल के हिंदू लड़कियों को लेकर दिए विवादित बयान के बाद अब असदुद्दीन ओवैसी का एक बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि किसे कब शादी करनी है, कितने बच्चे पैदा करने हैं और कब परिवार बढ़ाना है, यह उन्हीं पर छोड़ देना चाहिए. वह अजमल के बयान पर भड़क गए और कहा कि यह हर किसी का व्यक्तिगत मामला है. गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने कैंडिडेट के लिए प्रचार करने पहुंचे ओवैसी ने कहा कि यह हर किसी के व्यक्तिगत इच्छा पर निर्भर करता है कि उन्हें कब शादी करनी है

ओवैसी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि “मैं अजमल के बयान पर कुछ नहीं कह सकता लेकिन वे कब परिवार बढ़ाएंगे और कब शादी करेंगे, ये उनको ही तय करना चाहिए. यह हर किसी की अपनी पसंद है. इसपर मैं कुछ नहीं कहना चाहता.” असदुद्दीन अवैसी ने यह भी कहा कि यह वह (अजमल) खुद समझा सकता हैं लेकिन मैं कहता हूं कि अब भारत में लिव-इन रिलेशन वैध है और 377 भी जा चुका है.

फर्टाइल जमीन पर अच्छी फसल होती है- अजमल

बदरुद्दीन अजमल ने शुक्रवार को एक विवादित बयान में कहा कि हिंदू लोग 40 की उम्र में शादी करते हैं. वे शादी से पहले दो तीन अवैध संबंध रखते हैं और परिवार के दबाव में शादी करते हैं. उन्होंने कहा कि मुसलमानों की आबादी बढ़ाने वाले फॉर्मूला के आधार पर हिंदुओं को भी अपनी बेटी की शादी कम उम्र में करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बंजर जमीन पर फसल नहीं होती, फर्टाइल जमीन पर बोने से अच्छी फसल होती है.

घटिया बयानबाजी से बचें अजमल- बीजेपी

बदरुद्दीन अजमल के बयान पर बीजेपी नेता ने कहा कि उन्हें इस तरह की घटिया बयानबाजी से बचना चाहिए. बीजेपी विधायक डी कलिता ने कहा कि अगर उन्हें यही सब करना है तो वे बांग्लादेश जाएं. उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान को हिंदू बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि आप मुस्लिम हैं और हम हिंदू. यह देश भगवान राम और सीता का है. यहां बांग्लादेशियों के लिए कोई जगह नही.

अजमल ने मांगी माफी

हालांकि अपने बयान पर बदरुद्दीन अजमल ने माफी मांग ली है. उन्होंने कहा कि उनका किसी की भावना को आहत करने का इरादना नहीं था. उन्होंने कहा कि अगर मेरे शब्दों से किसी की, जाति और समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं. अजलन ने कहा कि, मेरा किसी जाति और समुदाय की भावनाओं को आहत करने का कोई इरादा नहीं था. बदरुद्दीन अजमल ने यह भी कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के बारे में सभी को सोचना होगा.


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