नकली पेट्रोल-डीजल मामला: बड़ा सवाल- 48 घंटे में कहां से आया 70 हजार अवैध केरोसिन

 

मेरठ जिले में रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो में हुई छापेमारी के बाद एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। मिलावटी तेल के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत जिलाधिकारी के निर्देश पर शहर के सभी केरोसिन ऑयल डिपो पर 5 सितंबर को छापेमारी हुई थी। जिसमें मैसर्स रतिराम खूबचंद फर्म की भी जांच हुई थी और इस जांच में केरोसिन ऑयल का स्टॉक और वितरण सही पाया गया था। लेकिन दो दिन बाद ही सात सितंबर को एडीएम सिटी के छापे में इसी ऑयल डिपो पर 70 हजार लीटर अवैध केरोसिन की बरामदगी ने हलचल मचा दी। वहीं, अब प्रशासन की पांच सितंबर को हुई छापेमारी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

पांच सितंबर को प्रशिक्षु पीसीएस लवी त्रिपाठी को मजिस्ट्रेट के रूप में रतिराम खूबचंद ऑयल डिपो पर औचक निरीक्षण के लिए आपूर्ति व बाटमाप तोल विभाग की टीम के साथ भेजा गया था। इस निरीक्षण की जांच रिपोर्ट में सब कुछ सही पाया जाना बताया गया था। लेकिन सात सितंबर को अचानक एडीएम सिटी के नेतृत्व में फिर से रतिराम खूबचंद फर्म पर छापा मारा गया। जिसमें स्टॉक रजिस्टर के तहत आए 48 हजार लीटर केरोसिन का वितरण होना पाया गया। लेकिन जांच में भूमिगत टैंकों के भीतर अवैध रूप से 70 हजार लीटर से ज्यादा केरोसिन मिला।

ये उठ रहे सवाल 
क्या पांच सितंबर को छापे की कार्रवाई औपचारिक थी और उसमें लापरवाही बरती गई
क्या इस छापे में मजिस्ट्रेट को कुछ ऐसा संदिग्ध मिला, जिसकी गोपनीय सूचना पर दोबारा छापा मारा गया
आखिर दो दिन के भीतर इस फर्म पर केरोसिन का स्टॉक कहां से आया

 
 

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